बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के कैबिनेट विस्तार में मुजफ्फरपुर की औराई विधायक रमा निषाद को एक बार फिर मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने दूसरी बार मंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक सफर में नया मुकाम हासिल किया है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार की मौजूदगी में मंत्रियों ने शपथ ली।

रमा निषाद का राजनीतिक सफर स्थानीय निकाय चुनावों से शुरू हुआ। वे हाजीपुर नगर परिषद की वार्ड पार्षद, उपाध्यक्ष और सभापति रह चुकी हैं। राजनीति में उनकी एंट्री उनके ससुर और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन जयनारायण निषाद के मार्गदर्शन में हुई। परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है और इसी माहौल में रमा निषाद ने भी अपनी अलग पहचान बनाई।

वर्ष 2007 में उन्होंने हाजीपुर नगर परिषद चुनाव में निर्विरोध जीत दर्ज कर चर्चा बटोरी थी। इसके बाद वे लगातार स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहीं। 2012 में दोबारा नगर परिषद की सभापति बनीं और बाद में उपसभापति के रूप में भी काम किया।

रमा निषाद ने वर्ष 2025 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। भाजपा ने उन्हें औराई सीट से उम्मीदवार बनाया। पार्टी का यह फैसला सफल साबित हुआ और उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 57 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। यह जीत न सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले की सबसे बड़ी जीत रही, बल्कि पूरे बिहार में सबसे बड़े जीत अंतर वाले उम्मीदवारों में उनका नाम शामिल हुआ।

शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भाजपा कोटे से बिहार सरकार में मंत्री बनाया गया। अब सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में भी उन्हें दोबारा मौका मिला है।

रमा निषाद ने मुजफ्फरपुर जिले की राजनीति में इतिहास रचा है। वे आजादी के बाद जिले से मंत्री बनने वाली पहली महिला विधायक बनीं। साथ ही निषाद समाज से कैबिनेट मंत्री बनने वाली भी जिले की पहली महिला नेता हैं। भाजपा उन्हें पिछड़ा और निषाद वोट बैंक के मजबूत चेहरे के तौर पर देख रही है।

रमा निषाद के पति अजय निषाद मुजफ्फरपुर से सांसद रह चुके हैं। वहीं उनके ससुर कैप्टन जयनारायण निषाद बिहार की राजनीति के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। रमा लंबे समय तक पति और ससुर के चुनाव प्रबंधन में सक्रिय रहीं। 1996 से ही वे चुनावी रणनीति और संगठनात्मक कामों से जुड़ी हुई थीं। बाद में उन्होंने खुद सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

2025 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने औराई से मौजूदा विधायक रामसूरत राय का टिकट काटकर रमा निषाद पर दांव लगाया था। यह फैसला पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हुआ। रमा निषाद ने बड़ी जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की और अब लगातार दूसरी बार मंत्री बनकर भाजपा नेतृत्व का भरोसा भी मजबूत किया है।

रमा निषाद का राजनीतिक सफर

* 2007 में हाजीपुर नगर परिषद चुनाव में निर्विरोध जीत
* नगर परिषद सभापति और बाद में उपसभापति रहीं
* वर्षों तक पति और ससुर के चुनाव प्रबंधन में सक्रिय भूमिका
* 2025 में पहली बार औराई से विधायक निर्वाचित
* रिकॉर्ड मतों से जीत के बाद बिहार सरकार में मंत्री बनीं
* अब सम्राट चौधरी कैबिनेट में दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली

Input : Dainik Bhaskar

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