राजधानी पटना के ऊर्जा भवन में 23 और 24 मई को आयोजित बिहार एआई समिट 2026 में गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी के बीटेक (सीएस एंड ई) छठे सेमेस्टर के छात्रों ने अपने अभिनव एआई आधारित प्रोजेक्ट “एग्री हेल्थ एआई” को प्रस्तुत कर सबका ध्यान आकर्षित किया। किसानों की समस्याओं को तकनीक के जरिए हल करने के उद्देश्य से तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट को समिट में मौजूद विशेषज्ञों, शिक्षकों और प्रतिभागियों ने काफी सराहा।
छात्रों द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान एक ही डिजिटल सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रयास करता है। प्रोजेक्ट में “माय फील्ड्स”, “क्रॉप स्कैन”, “फार्मर एआई असिस्टेंट”, “स्कीम्स एंड अलर्ट्स”, “मंडी मार्केट”, “न्यूज़ एंड एफएक्यू”, “कम्युनिटी”, “रिपोर्ट एंड एनालिटिक्स” और “सेटिंग्स” जैसे कई आधुनिक फीचर शामिल किए गए हैं।
मिट्टी की जांच और फसल चयन में मदद करेगा “माय फील्ड्स”
प्रोजेक्ट के “माय फील्ड्स” फीचर के जरिए किसान अपनी जमीन की जानकारी डिजिटल तरीके से दर्ज कर सकते हैं। एपीआई स्कैनिंग और डेटा विश्लेषण के माध्यम से यह सिस्टम मिट्टी की गुणवत्ता, उसमें मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति, जरूरी उर्वरकों की जानकारी और कौन-सी फसल उस जमीन के लिए सबसे उपयुक्त होगी, इसकी सटीक सलाह देता है। छात्रों का कहना है कि इससे किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने में सहायता मिलेगी।
तस्वीर से बीमारी पहचानने वाला “क्रॉप स्कैन”
इस प्रोजेक्ट का सबसे आकर्षक फीचर “क्रॉप स्कैन” रहा। इसमें किसान अपनी फसल की तस्वीर अपलोड कर सकते हैं, जिसके बाद एआई तकनीक उस तस्वीर का विश्लेषण कर फसल में मौजूद बीमारी, उसके लक्षण, उपचार के तरीके और जरूरी दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही बीमारी से बचाव के सुझाव भी दिए जाते हैं, जिससे किसानों को शुरुआती स्तर पर ही समाधान मिल सके।
मशीन लर्निंग से मिलेगा मंडी भाव का अनुमान
“मंडी मार्केट” फीचर के तहत मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग कर फसलों के संभावित बाजार मूल्य का अनुमान लगाया जाता है। छात्रों के अनुसार इससे किसान यह निर्णय लेने में सक्षम होंगे कि उन्हें अपनी फसल तुरंत बेचनी चाहिए या कुछ समय तक रोककर रखना अधिक लाभदायक हो सकता है। यह फीचर किसानों को बाजार की अनिश्चितता से निपटने में मदद कर सकता है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी एक क्लिक पर
प्लेटफॉर्म पर किसानों के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। किसान पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के लाभ, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी सीधे इसी प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकते हैं। छात्रों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए इस प्लेटफॉर्म को हिंदी, अंग्रेजी और भोजपुरी सहित कई भाषाओं में तैयार किया गया है।
स्मार्ट फर्टिलाइजर गाइड और लाइव सेंसर टेक्नोलॉजी
प्रोजेक्ट में एक “स्मार्ट फर्टिलाइजर गाइड” फीचर भी जोड़ा गया है। किसान अपनी जमीन का आकार और फसल का चयन करके यह जान सकते हैं कि उन्हें कितनी मात्रा में यूरिया, डीएपी और पोटाश का उपयोग करना चाहिए। इससे उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और लागत में कमी आने की संभावना है।
इसके अलावा छात्रों ने आईओटी आधारित सेंसर तकनीक का भी प्रदर्शन किया। ये सेंसर खेत की मिट्टी की नमी, तापमान और ह्यूमिडिटी की लाइव जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इससे किसान अपने खेत की स्थिति पर रियल टाइम निगरानी रख सकेंगे और सिंचाई या अन्य कार्य समय पर कर पाएंगे।
भविष्य में बड़े स्तर पर लागू करने की योजना
छात्रों ने बताया कि “एग्री हेल्थ एआई” प्लेटफॉर्म को पूरी तरह मुफ्त रखा गया है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। भविष्य में सरकार और कृषि विभाग के सहयोग से इसे बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व फैकल्टी लीडर हरि ओम सिन्हा और स्टूडेंट लीडर तेज प्रताप ने किया।
प्रोजेक्ट टीम में शामिल छात्रों में अभिषेक कुमार, सचिन कुमार, सिंह पीयूष, अनुप कुमार, तन्मय आनंद, पुष्पराज कश्यप और सोनू कुमार शामिल हैं। सभी छात्र बीटेक (सीएस एंड ई) छठे सेमेस्टर, गोपाल नारायण सिंह यूनिवर्सिटी से हैं।

