प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रमंडल के सभी जिलों में संचालित निजी अस्पतालों की व्यापक सुरक्षा जांच कराने का निर्देश दिया है।

आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के निजी अस्पतालों का सुरक्षा ऑडिट कराकर इसकी रिपोर्ट 15 जून तक उपलब्ध कराएं। इस प्रक्रिया के तहत यह जांच की जाएगी कि अस्पताल अग्नि सुरक्षा, भवन निर्माण और अन्य आवश्यक मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

प्रशासन विशेष रूप से यह पता लगाएगा कि कितने अस्पताल निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं और कितने संस्थान मरीजों की सुरक्षा से समझौता कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रसाद हॉस्पिटल में हुई दुर्घटना के बाद आयुक्त स्वयं मौके पर पहुंचे थे और स्थिति का जायजा लिया था।

आपातकालीन निकास व्यवस्था भी जांच के दायरे में

सुरक्षा ऑडिट के दौरान केवल फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि अस्पतालों में आपातकालीन प्रवेश एवं निकास मार्गों की भी गहन जांच की जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि अस्पताल भवन स्वीकृत नक्शे के अनुरूप निर्मित हैं या नहीं तथा निर्माण के बाद किसी प्रकार का अवैध या अनधिकृत बदलाव तो नहीं किया गया है।

जांच टीम फायर एनओसी, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, भवन संरचना, आपातकालीन निकास प्रणाली और आईसीयू की सुरक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का मूल्यांकन करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस पहल को प्रसाद हॉस्पिटल हादसे के बाद स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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