पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, पर्यटन, यातायात प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुल 29 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनका प्रभाव राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिलेगा।

सैटेलाइट टाउनशिप के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन के नियमों में राहत
कैबिनेट ने राज्य में प्रस्तावित 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं से प्रभावित भूमि मालिकों को बड़ी राहत दी है। अब जिन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर रोक लगाई गई थी, वहां विशेष परिस्थितियों में रैयत अपनी जमीन सरकार को बेच सकेंगे।

सरकार के अनुसार पारिवारिक संकट, बेटी की शादी, चिकित्सा खर्च या अन्य गंभीर जरूरतों की स्थिति में जमीन मालिक संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से अपनी भूमि सरकार को हस्तांतरित कर सकेंगे। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक अधिकार प्रदान कर दिए गए हैं।
पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे योजना
राज्य में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होमस्टे प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत ग्रामीण, वन और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों को पर्यटकों के ठहरने योग्य बनाकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी।

पांच प्रमुख नदियों का होगा वैज्ञानिक अध्ययन
जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए बिहार की पांच महत्वपूर्ण नदियों—सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर और चानन—के पुनर्भरण (रीचार्ज) क्षमता का अध्ययन कराया जाएगा। इस कार्य के लिए सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट की सेवाएं ली जाएंगी। परियोजना के लिए 2.32 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना को मंजूरी
धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना को स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत बिहार के श्रद्धालुओं को लद्दाख स्थित सिंधु दर्शन यात्रा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 622 करोड़ की परियोजना
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए राज्य में 500 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित किए जाएंगे। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर लागू होगी।
सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 622 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके माध्यम से ट्रैफिक निगरानी, नियम उल्लंघन की पहचान और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का प्रयास किया जाएगा।

कैमूर में भूमि अधिग्रहण और गयाजी में सीआईएसएफ केंद्र
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए कैमूर जिले के चांद और चैनपुर अंचल की विभिन्न मौजों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए 230 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
वहीं, गयाजी जिले के डोभी क्षेत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का केंद्र स्थापित करने के लिए बिहार सरकार ने केंद्र सरकार को निशुल्क भूमि हस्तांतरित करने की मंजूरी प्रदान की है।

निरीक्षण भवन को बनाया जाएगा आधुनिक गेस्ट हाउस
जल संसाधन विभाग के निरीक्षण भवन एवं उससे जुड़े परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त गेस्ट हाउस में विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और पर्यटन एवं प्रशासनिक गतिविधियों को सुगम बनाना है।

बिहार में हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म सेवा शुरू होगी
पर्यटकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक तेज और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत हवाई और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रशासनिक और संस्थागत फैसले भी लिए गए। इनमें बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप समिति योजना को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाना शामिल है।

इसके अलावा पटना हाईकोर्ट में विशेष कार्य पदाधिकारी के एक नए पद का सृजन, बिहार उच्च न्यायिक सेवा संशोधन नियमावली 2026 की स्वीकृति तथा उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति संबंधी नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों से बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन विस्तार, रोजगार सृजन, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी।






