बिहार में आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने राजधानी पटना को आरा, गया, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर से जोड़ने के लिए रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) विकसित करने का फैसला किया है। बुधवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में चारों रैपिड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की मंजूरी दी गई। इसके लिए 31.59 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

सरकार के अनुसार, डीपीआर तैयार करने सहित सभी प्रारंभिक प्रक्रियाओं को लगभग एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के लागू होने के बाद पटना और आसपास के प्रमुख शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा संभव होगी। साथ ही ग्रेटर पटना महानगरीय क्षेत्र के विकास और नए सैटेलाइट टाउनशिप को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को सौंपी जाएगी। वहीं, कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि इन्हीं चार कॉरिडोर का चयन भी एनसीआरटीसी द्वारा किया गया है।

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम एक आधुनिक, हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल नेटवर्क है, जिसे शहरों के बीच तेज और निर्बाध आवागमन के लिए विकसित किया जाता है। इस प्रणाली में ट्रेनें लगभग 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा का समय काफी कम हो जाता है। परियोजना के पूरा होने पर बिहार भी उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां इस तरह की अत्याधुनिक रैपिड रेल सेवा उपलब्ध होगी।

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