प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री श्रम मानधन पेंशन योजना जैसी लोकप्रिय योजना के दम पर फिर से केंद्र में आई मोदी सरकार एक बार फिर लोकप्रिय योजनाएं लाने की तैयारी कर रही है। एनडीए को बहुमत मिलने के बाद वित्त मंत्रालय में पूर्ण बजट तैयार करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट में वित्त मंत्रालय किसानों कृषि मद में 30 फीसदी ज्यादा धन का आवंटन कर सकता है। इसके अलावा किसानों के लिए कई फ्लैगशिप योजनाओं का ऐलान भी हो सकता है।
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सब्सिडी और एमएसपी में हो सकती है बढ़ोतरी
बजट की तैयारियों से जुड़े मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, इस बार के पूर्ण बजट में किसानों के समर्थन में कई आकर्षक योजनाओं की घोषणा हो सकती है। इसमें मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) में बढ़ोतरी, कर्ज पर ब्याज दरों में सब्सिडी और फर्टिलाइजर्स पर सब्सिडी देने की घोषणा शामिल है। फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 144 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी और इसको 2018-19 के 57,600 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1,40,764 करोड़ रुपए कर दिया गया है। अब जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 30 फीसदी की बढ़ोतरी और हो सकती है और इसको बढ़ाकर 1.83 लाख करोड़ रुपए किया जा सकता है। 2017-18 में कृषि क्षेत्र के लिए कुल बजट का 3.52 फीसदी आवंटित किया गया था जिसको अंतरिम बजट में बढ़ाकर 5.39 फीसदी किया गया था।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर हो सकती है बड़ी घोषणा
फरवरी में पेश किए गए अंतरिम बजट में देश के 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध करने के लिए सालाना 6 हजार रुपए नकद देने का प्रावधान है। इसके लिए बजट में हर साल 75 हजार करोड़ रुपए आवंटित करने की बात कही गई थी। सूत्रों का कहना है कि अब जुलाई में पेश होने वाले पूर्ण बजट में इस योजना के लिए कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। किसानों के लिए इसमें कोई नई सुविधा जोड़कर इसे फ्लैगशिप योजना का दर्जा दिया जा सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना पिछले साल दिसंबर से शुरू हो चुकी है और पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में 20 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया जा चुका है। हालांकि, चुनाव की घोषणा होने के कारण इसकी 50 फीसदी धनराशि ही इस्तेमाल हो पाई थी।
Input : Dainik Bhaskar