देशभर में 24 मार्च की आधी रात से तीन हफ्ते के लिए लागू होने से पहले बिहार में 23 मार्च से ही लॉकडाउन ( Lockdown) लागू है. ये अवधि 14 अप्रैल को समाप्त हो रही है. इस बीच तेलंगाना और यूपी सरकार (Telangana and UP government) ने लॉकडाउन बढ़ाने के संकेत दिए हैं. इसी के तहत अब बिहार को लेकर भी कयासबाजी होने लगी है. हालांकि मंगलवार को आपदा विभाग (Disaster department) ने इसपर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कोई भी फैसला तत्कालीन हालात के मद्देनजर ही लेगी.

हर स्थिति पर सीएम की सीधी नजर
आपदा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत (Principal Secretary of Disaster Department Pratyay Amrit) ने न्यूज 18 से कहा कि बिहार सरकार हर हालात पर नजर रख रही है और इस पर 10 या फिर 11 अप्रैल को मीटिंग के बाद कोई निर्णय लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि हालात कैसे होते हैं उस पर निर्भर करता है कि लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जाए अथवा नहीं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं हालात पर नज़र रखे हुए हैं. उन्होंने ये भी कहा कि बीते 48 घंटे में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है जो राज्य के लिए राहत की बात है.

प्रधानमंत्री मोदी ने दिए थे ये संकेत
हालांकिकुछ दिनों पहले मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद सोमवार को मंत्रियों के साथ चर्चा में भी प्रधानमंत्री ने यही संकेत दिया है कि लॉकडाउन एक साथ खत्म नहीं होगा. सूत्रों के अनुसार, एक्जिट प्लान का जो ड्राफ्ट तैयार है उसके अनुसार राज्यों की कैटेगरी कोरोना ग्रसित लोगों की संख्या के आधार पर तय होगी. वहां प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मरीजों की संख्या कितनी है. मानक का एक आधार यह भी होगा कि पिछले सात दिन में कोरोना का कोई केस सामने आया है या नहीं.

48 घंटे में नहीं मिला कोई भी पॉजिटिव
बता दें कि बीते 48 घंटे में एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है. सोमवार को कुल 755 सैंपल जांच को आए थे. इनमें आरएमआरआई में 395, आईजीआईएमएस में 310 और डीएमसीएच में 50 सैम्पलों की जांच हुई और ये सभी निगेटिव आए. प्रदेश में पॉजिटिव पाए गए 32 मरीजों में 9 को बिल्कुल फिट घोषित कर उनके घर भेजा जा चुका है. हालांकि वे अभी भी 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में ही रहेंगे. बहरहाल अब भी 22 पॉजिटिव मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है जबकि एक की मौत हो चुकी है.

सफलता दर में बिहार दूसरे नंबर पर
गौरतलब है कि काेराना मरीजाें के इलाज के बाद ठीक हाेने के मामले में बिहार देश के सभी राज्याें में दूसरे नंबर पर है, जबकि छत्तीसगढ़ पहले. प्रदेश में साेमवार तक 32 पाॅजिटिव मरीजों में से 9 पूरी तरह ठीक हुए हैं. यानी 28 प्रतिशत सफलता मिली. वहीं, छत्तीसगढ़ में कुल 10 काेराेना मरीजाें में 9 अब तक अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं.
Input:News18





