बिहार के जहानाबाद में एम्बुलेंस नहीं मिलने की वजह से एक बार फिर एक मासूम ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया. बदहवास पिता ने डीएम आवास के सामने मंदिर में अपना सर पटक-पटक कर फोड़ लिया और मां चीत्कार करती रही. मामला सदर अस्पताल का है जहां सदर प्रखंड के किनारी गांव के रहने वाले सुनील मांझी के दो वर्षीय बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पर फिर सवाल खड़े हो रहे है.

मृत बच्चे के परिजनों ने बताया कि बच्चे की आज अचानक तबियत खराब हुई थी. इसके बाद उसे आनन फानन में सदर अस्पताल में लाया गया जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया. परिजनों ने बताया कि वे महादलित परिवार से हैं, उनके पास पैसे नही हैं. कर्जा लेकर सदर अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि रेफर करने के बाद डॉक्टरों ने उसे एम्बुलेंस लाने के लिए फोन करने की बात कही. परन्तु जानकारी के अभाव में उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिल सकी. बच्चे का पिता बच्चे को बाइक से पटना ले जाने लगा परन्तु डीएम आवास के समीप पहुंचते ही बच्चे ने दम तोड़ दिया.

बच्चे की मौत के बाद बच्चे के माता-पिता चीखने, चिल्लाने लगे. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए और इसकी जानकारी नगर थाने की पुलिस को दी. घटना की सूचना पाकर मौके पर दलबल के साथ एसडीओ और एसडीपीओ पहुंच गए. मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एम्बुलेंस मंगवाकर बच्चे के पिता का इलाज करवाकर उसे घर भेज दिया.

सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बच्चा काफी सीरियस हालत में आया था. उसे इलाज के दौरान ऑक्सीजन भी लगाई गई थी. इलाज के बाद उसे पीएमसीएच रेफर किया गया परन्तु सुनील मांझी एम्बुलेंस नहीं लेना चाह रहा था और जबर्दस्ती कर बाइक से ले जाने लगा. इसके बाद बच्चे की मौत हो गई.

गौरतलब है कि एक पखवाड़ा पहले भी सदर अस्पताल में एम्बुलेंस के अभाव में मां की गोद मे तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी. मीडिया में इसकी खबर आने के बाद बवाल मच गया था. इसे लेकर जहानाबाद डीएम ने हेल्थ मैनेजर, दो डॉक्टर और चार नर्सों पर कार्रवाई भी की थी. परन्तु सदर अस्पताल है कि सुधरने का नाम नहीं ले रही है.

Input : NDTV

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