राजस्थान स्थित कोटा जाकर परिजन निजी वाहनों से बच्चों को ला सकते हैं। इसके लिए पटना जिला प्रशासन की वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरना है। बच्चे का आई कार्ड अपलोड करना अनिवार्य है। डीएम कुमार रवि ने कहा कि आवेदन देने वालों को पास जारी किया जाएगा। कोटा में पढ़ने वाले बच्चे ट्रेन व अन्य सरकारी वाहनों से आते हैं तो उनकी स्क्रीनिंग कर 21 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रखा जाएगा। बिहार आने के बाद बच्चों के परिजनों को संबंधित जिला मुख्यालय में बुलाया जाएगा।

कोटा से बिहार के छात्रों को लेकर दो ट्रेनें रविवार को रवाना होंगी। एक ट्रेन सीधे बेगूसराय, दूसरी गया रुकेगी। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने यह जानकारी दी। कहा कि केरल के एर्नाकुलम से एक ट्रेन शनिवार की शाम 6:00 बजे जबकि दूसरी ट्रेन तिरूर से शाम 5:30 बजे बिहार के लिए रवाना हो चुकी है। 24 घंटे में एक ट्रेन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से भी चल सकती है। रविवार की सुबह 10 बजे बेंगलुरू से दानापुर के लिए एक ट्रेन खुलेगी। केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक श्रमिक ही किराया देना है।

जयपुर से आई ट्रेन में 700 बिड़ला के मजदूर व बाकी सरकारी क्वारेंटाइन के : जयपुर से आई ट्रेन में बिड़ला कंपनी के 700 मजदूर व बाकी सरकारी क्वारेंटाइन में रह रहे लोग हैं। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकारों के रिक्वेस्ट पर स्पेशल ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। कौन पैसेंजर आएगा या नहीं आएगा, यह लिस्ट राज्य सरकार तय करती हैं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने, टिकट, खाना-पानी और ट्रेनों से पहुंचने के बाद उन यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की सारी व्यवस्था राज्य सरकारें कर रही हैं।

Input : Daily Bihar

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