पटना : कोरोना संक्रमण को लेकर चल रहे लॉक डाउन में अगर आपको कहीं दूसरी जगह जाना है और पास की जरूरत है तो अब सरकार ने उस नियम को और कड़ा करते हुए सिर्फ दो ही विकल्प छोड़े हैं। यह दो विकल्प अगर आपके पास हैं तो आपको पास मिलेगा अन्यथा नहीं। निजी पास के आवेदन से तीन विकल्पों में से एक विकल्प यानी अन्य कारण को हटा लिया है। अतः अब सिर्फ दो कारणों की वजह से ही आपको निजी पास मिल सकता है। तीसरा कारण जो है वह यह है कि जो  बिहार में बाहर के लोग फंसे हुए हैं उन्हें घर जाने के लिए पास मिलेगा।

कौन 2 कारणों के आधार पर मिलेगा निजी पास ,समझ लीजिये

लॉक डाउन थ्री में सरकार ने निजी पास लेने के लिए नियम बदल दिए हैं। अब सिर्फ दो स्थितियों में ही निजी वाहन पास मिलेगा। पहला मौत और दूसरा इलाज। यानी परिवार में मौत की स्थिति में परिजनों को निजी पास मुहैया कराए जाएगा। वहीं अगर मेडिकल इमरजेंसी है तो सरकार आपको निजी वाहन पास उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा अन्य किसी भी हालत में आपको वाहन पास नहीं दिया जाएगा। हां एक स्थिति में वाहन पास आपको मिल सकता है। यानी अगर कोई व्यक्ति बिहार में फंसा है तो उसे अपने घर जाने के लिए पास मिलेगा। अब निजी पास लेने के सिर्फ यही दो विकल्प बचे हैं पास के आवेदन से अन्य कारण को हटा दिया गया है यानी अगर आपके बच्चे पत्नी मां-बाप दूसरे जिले या दूसरे राज्य में लखनऊ में फंसे हैं तो आपको पास मुहैया नहीं कराया जाएगा लेकिन सरकारी कर्मचारियों को प्रमाण पत्र पेश करने पर कार्यालय के काम के लिए पास दिया जा रहा है।

विधायक के कोटा जाने के पास देने पर मचा था बवाल

गौरतलब है की बीजेपी विधायक अनिल सिंह को जब नवादा के एसडीओ की ओर से कोटा जाने के लिए पास दिया गया था तो इस पर काफी बवाल मचा था। इतना ही नहीं बिहार सरकार ने  विधायक को पास जारी करनेवाले नवादा के एसडीओ को निलंबित भी कर दिया था ।।लेकिन बाद में बैकफुट पर आते हुए सरकार को एसडीओ का निलंबन वापस लेना पड़ा। बीजेपी के हिसुआ विधायक को जब कोटा से बेटा लाने के लिए पास जारी किया गया था तो केंद्रीय गाइडलाइन का हवाला देकर विपक्षी पार्टियों ने भी काफी बवाल काटा था।

Input : News4Nation

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