उत्तर प्रदेश में बिहार से भी बड़ा टाॅपर घाेटाला सामने आया है। यूपी में 69 हजार पदों के लिए हुई सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के टाॅपर धर्मेंद्र पटेल यह भी नहीं बता पाए कि देश के राष्ट्रपति काैन हैं। पुलिस का कहना है कि 95% अंक के साथ टॉप करने वाले धर्मेंद्र को राष्ट्रपति का नाम भी पता नहीं है। धर्मेंद्र पटेल शादी समारोह में डीजे बजाने का काम करता है। धर्मेंद्र पटेल के रवैये ने पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि कोर्ट के आदेश से एसटीएफ पूरे मामले की जांच कर रही है। गाैरतलब है कि बिहार में भी इंटर परीक्षा टाॅपर घाेटाला हुआ था। उस समय टाॅपर आई  रुबी राय अपने विषय का सही-सही नाम तक नहीं बता पाई थी।

भर्ती परीक्षा में 95% अंक लाने वाला टॉपर सामान्य ज्ञान के साधारण प्रश्नों के भी उत्तर नहीं दे पाया

प्रयागराज पुलिस ने धर्मेंद्र पटेल और 9 अन्य को नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रविवार काे गिरफ्तार किया था। इनमें भर्ती परीक्षा में सफल तीन अन्य उम्मीदवार भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दाैरान धर्मेंद्र से सामान्य ज्ञान के कुछ सवाल किए गए, लेकिन वह जवाब नहीं दे पाया। इसी दौरान धर्मेंद्र से भारत के राष्ट्रपति का नाम भी पूछा गया। प्रयागराज एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के अनुसार, पैसे लेकर नौकरी दिलाने के इस मामले में मुख्य आरोपी की पहचान केएल पटेल के रूप में हुई है। वह पूर्व जिला पंचायत सदस्य है।

Allahabad HC stays appointment of 69,000 UP teachers | Deccan Herald

आरक्षित श्रेणी वालों के सामान्य में चयन के आदेश को चुनौती

इलाहाबाद हाईकाेर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में टीईटी पास सामान्य वर्ग के अारक्षित श्रेणी के उम्मीदवाराें काे सामान्य वर्ग में समायोजित करने के सरकार के अादेश की वैधता की चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से एक माह में जवाब मांगा है।

मंत्री बोले- भर्ती प्रक्रिया रुकी, जांच एसटीएफ के हवाले

भ्रष्टाचार के पेंच में उलझे 69,000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में बुनियादी शिक्षा मंत्री सतीशचंद्र द्विवेदी ने मंगलवार काे पत्रकाराें से कहा कि भर्ती प्रक्रिया हाईकाेर्ट के आदेश के बाद स्थगित है। जांच पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को सौंपी गई है।

क्या हुआ था बिहार में ?

विषय का सही नाम भी नहीं बता पाई थी टाॅपर

बिहार बोर्ड की 2016 की इंटर आर्ट्स परीक्षा की टॉपर रुबी राय, पॉलिटिकल साइंस का उच्चारण नहीं कर पाई थी। उसने इसे प्रॉडिकल साइंस कहा था। जबकि पॉलिटिकल साइंस उसका विषय था। टॉपर घोटाला का पूरा मामला सामने आया, तो रुबी के पिता ने बड़ी मासूमियत से कहा-’हमने तो रुबी को सिर्फ फर्स्ट डिवीजन से पास कराने को कहा था। बच्चा राय ने तो टॉप करा दिया।’ बच्चा राय घोटाले का किंगपिन था। सरकार ने सख्त कार्रवाई की। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष प्रो.लालकेश्वर प्रसाद सिंह, उनकी पत्नी प्रो.उषा सिन्हा, बोर्ड के सचिव हरिहरनाथ झा, बच्चा राय, रुबी राय, उसके पिता आदि को गिरफ्तार किया गया।

Input : Dainik Bahskar

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