पूर्णिया. मरंगा में बन रहे भारत का पहला सरकारी फ्रोजेन सीमेन स्टेशन (Frozen Seamen Station) बनकर तैयार है. यह सीमैन स्टेशन तीन माह में चालू हो जायेगा. इससे इस इलाके के साथ-साथ नार्थ ईस्ट इंडिया के कई राज्यों के पशुपालकों को फायदा मिलेगा. इसके शुरू होने से बिहार समेत पड़ोस के राज्यों में श्वेत क्रांति के प्रसार में मदद मिलेगी. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (National Dairy Development Board) के उप प्रबंधक आशीष रवि ने कहा कि यह देश का पहला सरकारी फ्रोजेन सीमेन स्टेशन है जो बनकर तैयार है. तीन महीने में बचा हुआ अन्य सारा काम पूरा हो जायेगा. इसके बाद यह फ्रोजेन सीमेन स्टेशन चालू हो जायेगा.

बिहार: भारत के पहले सरकारी फ्रोजेन सीमेन स्टेशन में रेड सिंधी, साहीवाल, मुर्रा, जर्सी जैसी नस्लें होंगी तैयार

आशीष रवि ने कहा कि इस सेन्टर के शुरू होने से बिहार समेत कई राज्यों के पशुपालकों को काफी फायदा होगा. इससे रेड सिंधी, साहीवाल, मूर्रा, जर्सी जैसी कई नस्लों के उन्नत किस्म के सांढ़ और भैंस का सीमेन तैयार होगा जिससे इस इलाके के पशुपालक अपने देशी समेत सभी नस्लों की गायों और भैंस को भी उन्नत नस्ल के बना सकते हैं.इस स्टेशन में फिलहाल 252 उन्नत किस्म के पशुओ को रखने की व्यवस्था है. इसके बन जाने से इस इलाके में दुग्ध क्रांति आ सकती है.

गौरतलब है कि दो साल पहले मई 2018 में तत्कालीन केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह औऱ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस सीमेन स्टेशन का शिलान्यास किया था जो अब मूर्त रूप ले चुका है. पूर्णिया के मरंगा स्थित बकरी पालन केंद्र में प्रोजेन ईमेल स्टेशन बन रहा है. एनडीडीबी यानी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा इसके निर्माण का काम हो रहा है. इसमें प्रतिदिन पास तो मजदूर काम कर रहे हैं हाल में ही दो सौ प्रवासी मजदूरों को भी इस प्रोजेक्ट में काम में लगाया गया है.

Input : News18

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