बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज सत्तर घाट महासेतु का उद्घाटन करने वाले हैं. यह वही सेतु है जो गोपालगंज और पूर्वी चंपारण को जोड़ती है. 2012 के अप्रैल महीने में इस घाट का शिलान्यास किया गया था. यह पुल गंडक नदी पर बनी हुई है.

263.47 करोड़ की लागत से बने सत्तरघाट पुल बौद्ध परिपथ और रामजानकी मार्ग का अहम हिस्सा है. इससे सारण और तिरहुत प्रमंडल की दूरी कम हो जाएगी. 1440 मीटर लंबे पुल का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने किया है.

यह पुल गोपालगंज के बैकुंठपुर से पूर्वी चंपारण के चकिया को जोड़ेगा. इससे सीवान, छपरा, गोपालगंज होते हुए एनएच-28 के जरिये उत्तर बिहार के अधिसंख्य जिलों की संपर्कता हो जाएगी. इस पुल से पटना से मशरख होते हुए रक्सौल तक सीधा रास्ता उपलब्ध हो जाएगा. अप्रैल, 2012 में इसका शिलान्यास हुआ था.

सबसे बड़ी उपलब्धि यह होगी कि सत्तरघाट महासेतु से पड़ोसी देश नेपाल की दूरी भी कई जिलों के लिए कम हो गई है. सीवान, सारण, गोपालगंज के अलावे उत्तर प्रदेश के देवरिया, कुशीनगर, बलिया, वाराणसी जिलों से नेपाल की दूरी सौ किलोमीटर तक कम हो गई है.

Input : Live Cities

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