बिहार में शराब पीने, शिक्षकों का फाइल कुतरने से लेकर बाढ़ के जिम्मेदार चूहे की निगरानी के लिए इस साल होमगार्ड जवानों को तैनात किया गया है. इसबार चूहे तटबंधों को नुकसान न पहुंचा दें इसके लिए 276 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जा रही है. होमगार्ड के जवान रैट होल देखे जाने पर तुरंत इसकी सूचना विभागीय अभियंताओं को  देंगे.

दरसल मानसून की जोरदार बारिश के बाद तटबंध किनारे चूहों की मांद में पानी भरता है और तटबंध दरकने लगते हैं. चूहों का प्रकोप आजमनगर और अमदाबाद में चूअधिक रहता है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि रैट होल को चिह्नित कर मरम्मत एवं झाड़ी हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है.

बता दें कि कोसी क्षेत्र में साल 2017 में आए बाढ़ का एक बहुत बड़ा कारण चूहा भी था . उस दौरान आजमनगर और कदवा प्रखंड में महानंदा की बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी.  इस साल कोसी बेसिन अभी से लबालब है.  तटबंध की मरम्मत और कटाव निरोधी कार्य में लॉकडाउन के बाद अब तेजी लाई गई है.  लेकिन रैट होल के कारण परेशानी हो रही है. तटबंध पर विस्थापित परिवारों के बसेरे के साथ-साथ चूहे भी बिल बना लेते हैं. इसमें पानी भरने से मिट्टी दरकने लगती है और तटबंध टूटने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए ऐसे जगहों को चिन्हित कर मिट्टी भरी जा रही है. बाढ़ नियंत्रण विभाग के कटिहार, सालमारी एवं काढ़ागोला प्रमंडल में तटबंध की निगरानी के लिए 276 होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे. जो रैट होल को चिन्हित कर विभागीय अभियंताओं को इसकी सूचना देंगे.

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