पटना: बिहार के सूचना और जनसंपर्क विभाग ने एक वक्तव्य में कहा है कि सत्तर घाट पुल के क्षतिग्रस्त होने की खबर झूठी है । मीडिया के वर्ग द्वारा इस आशय की झूठी खबर फैलाई जा रही है। जबकि इस मामले में सही तथ्य निम्नवत है।
मीडिया में सत्तर घाट पुल के क्षतिग्रस्त होने की झूठी खबर चल रही है। इस मामले में सही तथ्य निम्नवत है।@RCD_Bihar@amritlalmeena89 pic.twitter.com/XAvy5sVfOp
— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) July 16, 2020
सत्तर घाट मुख्य पुल से लगभग दो किमी दूर गोपालगंज की ओर एक 18 मी लम्बाई के छोटे पुल का पहुँच पथ कट गया है। यह छोटा पुल गंडक नदी के बांध के अन्दर अवस्थित है। गंडक नदी में पानी का दबाव गोपालगंज की और ज़्यादा है । इस कारण पुल के पहुँच का सड़क का हिस्सा कट गया है।
#WATCH: Portion of Sattarghat Bridge on Gandak River that was inaugurated by CM Nitish Kumar last month in Gopalganj collapsed yesterday, after water flow increased in the river due to heavy rainfall. #Bihar pic.twitter.com/cndClJHIAa
— ANI (@ANI) July 16, 2020
यह अप्रत्याशित पानी के दबाब के कारण हुआ है। इस कटाव से छोटे पुल की संरचना को कोई नुक़सान नहीं हुआ है। मुख्य सत्तर घाट पुल जो १.४ किमी लंबा है बह पूर्णतः सुरक्षित है।
ये है सत्तरघाट पुल जो पूर्वी चम्पारण के केसरिया में गंडक नदी पर स्थित है। मीडिया द्वारा इसके टूटने की खबर चलायी जा रही है जो पूरी तरह झूठी और भ्रामक है। आप देख सकते हैं यह पुल पूरी तरह सुरक्षित है।#SattarghatBridge@RCD_Bihar@amritlalmeena89https://t.co/whqQetcDO1
— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) July 16, 2020
पानी का दबाव कम होते ही यातायात चालू कर दिया जाएगा। इस योजना में कोई अनियमितता का मामला नहीं है। यह प्राकृतिक आपदा है। विभाग पूरी तरह मुस्तैद है।







