PATNA: गोपालगंज में पुल के एप्रोच सड़क टूटने के बाद जमकर सरकार की कल से फजीहत हो रही है, लेकिन सरकार अपनी फजीहत से सबक लेने के बदले और फजीहत कराने पर तूली है. विभाग की लापरवाही के कारण जो एप्रोच पथ टूटा उसमें विभाग के इंजीनियर और ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के बदले प्रशासन ने ग्रामीणों पर केस दर्ज कराया दिया है. आरोप लगाया गया है कि ग्रामीणों ने सड़क को काटा है.

तीन केस दर्ज

एप्रोच सड़क टूटने के बाद गोपालगंज प्रशासन की ओर से बैकुंठपुर थाने में सीओ, ठेकेदार और पुल निगम के इंजीनियर ने तीन अलग-अलग केस दर्ज कराया है.  सीओ ने जिला परिषद सदस्य रवि रंजन उर्फ विजय बहादुर और उनके समर्थकों पर लॉकडाउन तोड़ने की केस दर्ज कराई है तो वही ठेकेदार उदय सिंह ने फैजुल्लाहपुर के मुखियापति उदय सिंह समेत ग्रामीणों पर निर्माण कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कराया है. पुल निर्माण विभाग भी इसमें कम नहीं रहा. विभाग के इंजीनियर ने अज्ञात लोगों पर जेसीबी से सड़क काटने का केस दर्ज करा दिया.

सवालों के घेरे में सरकार

जब नीतीश सरकार और पथ निर्माण विभाग की किरकिरी होने लगी तो विभाग के मंत्री नंद किशोर यादव सामने आए और सफाई दी कि सत्तर घाट का पुल नहीं टूटा है. एक छोटा पुल का एप्रोट पथ टूटा. मंत्री ने टूटने का कारण बाढ़ के पानी को प्राकृतिक आपदा बताया था, लेकिन प्रशासन ने तीन-तीन अलग केस दर्ज कराकर ग्रामीणों को ही इसका दोषी मान रहा है.

Input : First Bihar

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD