मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार की दोपहर हवाई मार्ग से बगहा पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले गंडक पार के बाढ़ प्रभावित प्रखंडों का हवाई सर्वे किया। इस क्रम में हेलीकॉप्टर काफी देर तक पिपरा-पिपरासी तटबंध के चंदरपुर के आसपास मंडराता रहा। हेलीकॉप्टर को देख तटबंध पर कटावनिरोधी कार्य में जुटे संवेदक से लेकर अभियंता तक अलर्ट मोड में आ गए। यहां से मुख्यमंत्री वाल्मीकिनगर पहुंचे। एयरपोर्ट पर फिजिकल डिस्टेंसिंग के बीच सीएम को गार्ड ऑफ ऑर्नर दिया गया।

सीएम एयरपोर्ट से वाल्मीकिनगर के ऐतिहासिक गंडक बराज पर पहुंचे और भारतीय सीमा के सभी 18 फाटकों पर पहुंचकर बारी बारी से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों व अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की। बता दें कि बराज के तीन फाटक मानसून अवधि शुरू होने से पूर्व से क्षतिग्रस्त हैं।

भारत नेपाल सीमा पर अलर्ट

बात दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर के भारत-नेपाल सीमा पर देर रात से ही चौकसी बढ़ा दी गई थी। एसपी निताशा गुड़िया ने सीमा से जुड़े थाना क्षेत्र के थानेदारों को बॉर्डर पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया था। हालांकि लॉक डाउन की वजह से अभी बॉर्डर पर कुछ खास गतिविधि नहीं है। फिर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एसएसबी के जवान सुबह से ही बॉर्डर की निगरानी में लगे हुए हैं।

Input : Dainik Jagran

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD