बिहार राज्य कार्यपालक संघ संविदाकर्मी नियमित करने के साथ – साथ वेतनमान लागू करने की लगातार माँग कर रहे है। संविदाकर्मियों की यह मांग वर्षो से जारी है, फिर भी राज्य सरकार इस विषय पर नरम है। मुख्यमंत्री खुद अनेक मौके पर संविदाकर्मियों को नियमित करने की बात कहीं हैं।

बिहार राज्य कार्यपालक संघ के मुहिम को सफल बनाने हेतु राज्य सरकार के विधायक एवं मंत्री भी समर्थन में ऊतर गए हैं। उपेन्द्र पासवान, पूनम देवी यादव एवं जफर आलम इत्यादि बिहार सभा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है। राज्य के सभी संविदाकर्मी जैसे ग्रामीण आवास सहायक, ग्रामीण आवास लेखा सहायक, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक, कार्यपालक सहायक एवं स्वास्थकर्मी , आँगनबाड़ी सेविका/सहायक एवं आशा – ममता सहित विभिन्न विभागों में नियोजित कर्मी अपने कार्यक्षेत्र में दक्ष व कुशल होने बावजूद कई वर्षो से संविदा पर कार्यरत है।

बिहार राज्य कार्यपालक सहायक संघ चिर लंबित मांगो को लेकर दिनांक 01.09.2020 से 03.09.2020 तक तीन दिन के सामूहिक अवकाश रहने की स्वघोषणा की हुई है। आपको बता दें, कि बिहार राज्य कार्यपालक सहायक संघ का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षा पास होने के वावजूद कार्यपालक सहायक का बेल्ट्रॉन से पुनः परीक्षा लेना न्यायोचित नही है। बिहार सरकार को अपने जिलाधिकारी पर विश्वास नही है जिस कारण बेल्ट्रॉन जो कि एक प्राइवेट संस्था है उस पर भरोसा जता कर युवाओं के साथ खिलवाड़ कर रहें हैं।
कोविड जैसी महामारी एवं बाढ़ जैसे भीषण आपदा में भी कार्यपालक सहायक जान जोखिम में डालकर दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अगर तीन दिन के सामूहिक अवकाश बाद भी सरकार फैसला नही लेती है तो हम सभी कार्यपालक सहायक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
Team : Satyam






