हम सबने दुख में पड़े व्यक्ति की किसी – न – किसी रूप में मदद अवश्य ही की होगी, लेकिन किसी मृतक व्यक्ति की मदद करने की बात शायद ही कहीं सुनी हो। हाँ सुनने में यह अवश्य अजीब लगे , किन्तु यह सत्य है। हिन्दू धर्म के सोलह संस्कारों में सबसे अंतिम अंत्येष्टि संस्कार है। शास्त्रों के अनुसार इंसान की मृत्यु यानि देह त्याग के बाद मृत शरीर अग्नि को समर्पित किया जाता है।

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माँ वैष्णों देवी सेवा समिति द्वारा सेवा सुश्रुषा की यह भावना ऐसे लोगों के प्रति है, जिनकी मृत्यु कोविड – 19 की चपेट में आने से हो चुकी है। अपरिचित लोग, जो पूरे बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश और नेपाल से पटना आने के बाद कोरोना के इलाज के दौरान ही दुर्भाग्यवश मौत का शिकार हो गए है।

ऐसे व्यक्तियों के अंतिम संस्कार कराने का जिम्मा माँ वैष्णो देवी सेवा समिति ने लिया है। माँ वैष्णों देवी सेवा समिति परिवार ने कोविड -19 से मृत व्यक्तियों की सामाजिक रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार करवाने के मिशन के तहत 26 मार्च 2020 से आज तक कुल 50 लोगों के अंतिम प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहभागी बना है ! दूसरों की सहायता करने की भावना ही मानव को सही अर्थो में मानव बनाती है।

Team : Satyam

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