राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के फाउंडर मेंबर रहे रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh prasad singh) ने AIIMS के बेड से कांपते हाथों से एक चिट्ठी लिखी और महज 38 शब्दों के संदेश के साथ उन्होंने RJD काअपना 32 साल पुराना नाता तोड़ दिया. रघुवंश बाबू ने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को संबोधित करते हुए लिखा, जननायक कर्पूरी ठाकुर के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे खड़ा रहा, लेकिन अब नहीं.पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया. मुझे क्षमा करें. शिवहर राजद के ज़िलाध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह के माध्यम से ही रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपना इस्तीफ़ा सौंपा है.

ठाकुर धर्मेंद्र सिंह लगातार रघुवंश प्रसाद सिंह के साथ रहे हैं. उन्होंने उस भावुक क्षण का ज़िक्र न्यूज़ 18 से साझा करते हुए कहा, जब रघुवंश बाबू अपने हाथों से इस्तीफ़ा लिख रहे थे तो वे बहुत भावुक थे. उनकी आंखो से आंसू निकल रहे थे. उनके आंसुओं से पन्ना भर गया था. ठाकुर धर्मेंद्र सिंह कहते हैं कि रघुवंश प्रसाद सिंह पार्टी की गतिविधियों से काफ़ी दुखी थे. उन्होंने कभी दल नहीं बदला. आप समझ सकते हैं उनकी पीड़ा कि एक लोटा पानी जैसी उनकी अहमियत जब कहा गया. रघुवंश बाबू बहुत सदमे में हैं.

जब पार्टी के बाहर के लोग (रामा सिंह) उन पर बोल रहे थे तो पार्टी की तरफ़ से खंडन नहीं आया, इससे काफ़ी दुखी थे. अब यह अंतिम फ़ैसला उन्होंने उठाया. दूसरी पार्टी में जाने के सवाल पर रघुवंश प्रसाद सिंह के क़रीबी ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जेडीयू, बीजेपी , कांग्रेस सब जगह से उन्हें ऑफर मिला था. जिसे उन्होंने ठुकरा दिया. इस्तीफ़ा वापस लेने के सवाल पर कहा ज़ख़्म इतना गहरा है कि अब नहीं.

बता दें कि रघुवंश प्रसाद सिंह राजद में रामा सिंह की एंट्री की खबरों को लेकर नाराज चल रहे थे और उन्होंने इसका पुरजोर विरोध भी किया था. यही कारण है कि रामा सिंह को अभी तक राजद में जगह नहीं मिल सकी है. रघुवंश प्रसाद सिंह ने न्यूज़ 18 से फोन पर बातचीत में कहा था कि हमने एक बार जो फैसला कर लिया तो उससे पीछे नहीं हट सकते हैं. हमने न तो कभी अपने सिद्धांतों से समझौता किया है और न ही आगे करेंगे.

गौरतलब है कि हाल में रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा था कि तेजस्वी यादव ने एम्स में आकर मेरे स्वास्थ्य का हालचाल जाना जो मुझे अच्छा लगा, लेकिन हमने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया है और उसे हरगिज़ वापस नहीं लेंगे. दरअसल वे तेजप्रताप यादव की उस बात से भी आहत थे जब उनके इस्तीफे की खबरों पर तेजप्रताप ने कहा था कि राजद समुद्र है और इससे एक लोटा पानी निकल भी जाए तो कुछ नहीं होता.

बता दें कि पिछले दिनों खबर आई थी कि रघुवंश प्रसाद सिंह की तबीयत दोबारा बिगड़ गई है. नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें एम्स (दिल्‍ली) के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया था. फिलहाल वह एम्स के आईसीयू में भर्ती हैं.

Source : News18

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