लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्थापक व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की तबीयत अधिक बिगड़ गई है। इन दिनों वे दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल के आइसीयू (ICU) में भर्ती हैं। उन्हें छोड़ कर बिहार आना बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के लिए अभी संभव नहीं है। अपनी मजबूरी बयां करते हुए एलजेपी सुप्रीमो चिराग पासवान ने पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को मार्मिक चिट्ठी (Touching Letter) लिखी है।

चिराग ने अपनी पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के नाम पत्र में पिता व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की अस्वस्थता की चर्चा की है, जो तीन सप्ताह से दिल्ली के एक अस्पताल की आइसीयू में भर्ती हैं। इसी वजह से चिराग ने बिहार नहीं आ पाने की अपनी मजबूरी बतायी है। चिराग ने पत्र में यह भी बताया है कि सीट बंटवारे पर अभी तक उनकी किसी से कोई बात नहीं हुई है।
अपनी चिट्ठी में चिराग ने लिखा है कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को राशन की परेशानी न हो, इसके लिए उनके पिता अपना रूटीन हेल्थ चेक-अप लगातार टालते रहे। इस कारण वे अस्वथ हो गए। बीते तीन सप्ताह से वे अस्पताल में हैं।
इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर हटना संभव नहीं
चिराग पासवान ने लिखा है कि वे पिता को रोज बीमारी से लड़ते देख कर विचलित हो जाते हैं। पिता पटना जाने के लिए कहते हैं, लकिन बेटा होने के नाते वे उन्हें इस हाल में आइसीयू में छोड़ कर नहीं हट सकते हैं। नहीं ताे वे खुद को कभी माफ नहीं कर पाएंगे।
अध्यक्ष होने के नाते पार्टी के साथियों की भी चिंता
चिराग पासवान ने आगे लिखा है कि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें उन साथियों की भी चिंता है, जिन्होंने ‘बिहार फस्ट बिहारी फर्स्ट’ के लिए जीवन समर्पित कर दिया है। लिखा है कि उनकी बिहार के भविष्य व चुनाव में सीटों को लेकर गठबंधन के घटक दलों से बात नहीं हुई है । यह बात उन्होंने पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में भी कही थी।
पासवान के स्वस्थ होनेे तक जनता के बीच रहें नेता-कार्यकता
उन्होंने राम विलास पासवान के स्वस्थ होने तक पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्र में रह कर जनता को बाढ़ व कोरोना की आपरा के दौरान मदद करने को भी कहा है।
पासवान से मिलने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
इस बीच बिहार कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा रविवार को रामविलास पासवान से मिलने अस्पताल पहुंचे। डॉ. झा के साथ बिहार कांग्रेस रिसर्च कमेटी के चेयरमैन आनंद माधव भी थे।
Input: Jagran






