वक्त, हालात और ज्जबात बदलते देर नहीं लगती, जब नेता बिहार के विकास के नाम पर अपने पाले बदलते हैं। हाल कुछ ऐसा ही रालोसपा सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा का, कद्दावर नेता है, राजनीति के पुराने खिलाड़ी भी है। लेकिन जगह माकूल नहीं बन पा रही है, कभी महागठबंधन, तो कभी एनडीए।
सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है, रालोसपा ने महागठबंधन से अपना नाता लगभग तोड़ ही लिया है। इसी बीच रालोसपा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कहा है, कि जैसे पूरी दुनिया कोरोना महामारी से ग्रस्त है वैसे ही महागठबंधन महामारी का शिकार है। एनडीए में जाने के सवाल पर माधव आनंद ने कहा एनडीए के नेताओं से लगातार हमारी बातचीत चल रही है। सब कुछ फाइनल कर दो-तीन दिनों में हम इसकी घोषणा भी कर देंगे।
आनंद माधव ने अपनी राय स्पष्ट करते हुए कहा, कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में सबसे मजबूत चेहरा है। हम भी समय-समय पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अच्छे कामों की तारीफ करते रहे हैं।






