स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि सवेरा पूरे दिन की दिशा तय करता है. राजद के साथ ऐसा ही हो रहा है. रण क्षेत्र में उतरने से पहले ही महागठबंधन के महारथी मैदान छोड़ भाग रहे हैं. यही नहीं महागठबंधन में उपेक्षित नेता महागठबंधन के डीएनए में ही गड़बड़ी बता रहे हैं. वीआईपी और जेएमएम की सीटों की घोषणा नहीं होने से जो विद्रोह की स्थिति बनी हुई है, वह महागठबंधन के एक रहने पर सवाल खड़ा कर दिया है. स्थिति यह है कि चुनाव से पहले ही महागठबंधन पूरी तरह से टूट कर बिखर गया है.

मंगल पांडेय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के प्रेस कांफ्रेंस में ही वीआईपी नेता मुकेश सहनी द्वारा महागठबंधन से अलग होने की घोषणा किया जाना एवं वहां उत्पन्न परिस्थिति इस बात को साबित करती है कि महागठबंधन अंतिम सांस ले रहा है. सीट शेयरिंग में उपेक्षित नेता पीठ में खंजर घोपनें की बात करने लगे हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महागठबंधन के नाम पर राजद राज्य की जनता की आखों में धूल झोंक रहा है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन से महा, गठ और बंधन अलग-अलग हो चुका है, फिर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव किस मुंह से अपने आप को महागठबंधन का नेता मान रहे हैं. सीट शेयरिंग में अतिपिछड़ा और अनुसूचित जनजाति की उपेक्षा यह दर्शाता है कि महागठबंधन में ऐसे तपकों के लिए कोई जगह नहीं है. यही वजह है कि अभी तो साथी दल नेता प्रतिपक्ष की हठधर्मिता से अलग हुए हैं, चुनाव बाद नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी भी जनता छीनने का काम करेगी.

उन्होंने कहा कि राजद का भविष्य अंधकार में है. चुनाव के पूर्व ही ‘लालटेन’ का तेल खत्म होने लगा है। 2020 में जनता ‘लालटेन’ थामने वाले को भी नेपथ्य में भेजने और ‘लालटेन’ को हमेशा के लिए म्यूजियम में रखने का काम करेगी.स्थिति यह है कि नेता प्रतिपक्ष के रवैये से न सिर्फ सहयोगी दल, बल्कि राजद कुनबा भी व्यथित है.

Source : Live Cities

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