बांका. बिहार की सत्ता तीन दशक से ऐसे लोगों के हाथ में है, जो एक- दूसरे पर केवल आरोप लगाते रहते हैं. इससे आमजनों को कोई फायदा नहीं होने वाला है. अब जरूरत बड़े और मंझले भाई के बाद छोटे भाई को 5 वर्ष के लिये सूबे की शासन व्यवस्था सौंपने की. ये बातें पूर्व केन्द्रीय मंत्री व रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने बांका में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कही. कुशवाहा वहां अपने प्रत्याशी कौशल सिंह के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे थे.

उन्होंने कहा कि लालू और नीतीश दोनों के शासनकाल सूबे की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई. उद्योग-धंधों का हाल बुरा है. इस दौर में कोई नई औद्योगिक इकाई लगी नहीं, उल्टे जो पहले से थी वो भी बन्द हो गयी. लिहाजा रोजगार की तलाश में सूबे से युवाओं का जबरदस्त पलायन हुआ. लेकिन इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करता.

बिहार की राजनीति में नया टशन, बड़े, मंझले और कुशवाहा

‘शिक्षक मांगते हैं अधिकारी, तो मिलती है लाठी’

कुशवाहा ने कहा कि केन्द्र के केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय सहित निजी स्कूलों में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था है. लेकिन बिहार सरकार के स्कूलों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है. हद तो तब हो जाती है जब शिक्षकों को पढ़ाई कम बल्कि दूसरे कार्य में ज्यादा लगाये जाते हैं. यही नहीं जब शिक्षक अपने अधिकार की मांग करते हैं तो उनकी मांगें नहीं सुनी जाती, बल्कि उनकी डंडे से पिटाई की जाती है.

भ्रष्टाचार को लेकर कुशवाहा ने लालू,नीतीश के साथ-साथ तेजस्वी यादव को भी लपेटे में लिया. और खुद को पाक साफ बताया. उन्होंने बांका सीट से अपने पार्टी प्रत्याशी कौशल सिंह को रालोसपा की जीत पर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई की समस्याओं का समाधान होगा.

Source : News18

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