गया. हाथ में लाठी पकड़े, पैर से कमजोर, आंखों से कम दिखना और चेहरे पर बुढ़ापे की झुर्रियां, तस्वीर देख आप समझ सकते होंगे कि इनकी उम्र 100 वर्ष पार कर चुकी है. ये हैं नन्हक यादव जो गया जिला के बोधगया प्रखंड के धनावां गांव के रहने वाले हैं. इनकी उम्र 100 वर्ष भी पार कर चुकी है. अपने जीवन में 21 नाती पोते देख चुके हैं लेकिन इनमें हिम्मत इतनी है कि यह कभी भी अपना वोट देना नहीं भूलते, चाहे बूथ जितना भी दूर हो वो पैदल या किसी गाड़ी के सहारे को अपना मत का अधिकार करने जरूर जाते हैं.

नेता तो बहुत आते हैं और वह वोट देने की अपील करते हैं लेकिन नन्हक कहते हैं कि मैं किसी नेता को यह नहीं कहता कि वोट नहीं दूंगा. मैं सबों को आश्वासन देता हूं लेकिन वोट किसको देना है वो मैं खुद पर निर्भर करता हूं और अपने मन के अनुसार वोट करता हूं. 100 वर्षीय नन्हक यादव बताते हैं कि वोट देना बहुत ही जरूरी है. कोई नेता गांव में आए या ना आए, गांव की समस्या को देखे या ना देखे, लेकिन वोट देना बहुत जरूरी है. यही कारण है कि वो गांव के लोगों से भी वोट देने को लेकर अपील भी करते हैं. जो लोग वोट नहीं देते हैं उनको यह कहते हैं कि मूर्ख है वो लोग जो वोट नही देते.

नन्हक यादव बताते हैं कि मेरा एक बेटा और चार बेटी हैं जबकि 21 नाती-पोता हैं और मेरे परिवार का हर वोटर वोट डालता है. कोरोना काल में भी नन्हक यादव वोट डालने बूथ तक जाएंगे. वाकई में वो एक मिसाल है जो अंतिम पायदान तक पहुंचने के बाद भी वोट देने की लालसा रखते हैं.
Source : News18





