बिहार में अपराध पर लगाम लगाने के लिए अब पुलिस पैदल गश्ती का भी सहारा लेगी। पुलिस मुख्यालय ने पैदल गश्ती कराने का आदेश दिया है। राज्य के सभी थानों में यह व्यवस्था लागू होगी। डीजीपी एसके सिंघल के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को इसपर अमल करने को कहा है।
बिहार में अपराध पर लगाम लगाने की कवायद, अब सभी थाना क्षेत्रों में होगी पैदल गश्त pic.twitter.com/cqcfOsRdjp
— Muzaffarpur Now (@muzaffarpurlive) November 30, 2020
एसपी जारी करेंगे आदेश
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी थानों में पैदल गश्ती हो यह जिलों के एसपी को सुनिश्चित करना है। क्षेत्राधिकार के अधीन सभी थाना क्षेत्रों में पैदल गश्ती के लिए एसपी आदेश जारी करेंगे। आदेश में कहा गया है कि समय-समय पर इसकी जांच की जाए। यदि कहीं घटना घटती है तो लापरवाह और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है।

एसडीपीओ व सर्किल इंस्पेक्टर समीक्षा करेंगे
पैदल गश्ती सही से हो रही या फिर खानापूर्ति की जा रही है, इसकी समीक्षा रोजाना होगी। समीक्षा की जिम्मेदारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और सर्किल इंस्पेक्टर की होगी। यह काम रोजना होगा। दोनों पुलिस अधिकारी अपने क्षेत्र में पड़नेवाले थानों में पैदल गश्ती की समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी सिपाही और हवलदार को पैदल गश्ती की ड्यूटी दी जाएगी।

दस वर्षों तक सिर्फ सशस्त्र बल में रहेंगे सिपाही
पुलिस मुख्यालय ने अपने मानव बल के बेहतर इस्तेमाल के लिए सिपाही के पद पर नियुक्त जवानों को दस वर्षों तक सिर्फ सशस्त्र बल में ही ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की है। इस पर सख्ती से अमल के आदेश दिए गए हैं। एसपी को कहा गया है कि ऐसे सिपाही जिसकी सेवा 10 वर्ष से कम हैं उन्हें कार्यालय ड्यूटी में हरगिज न लगाएं। उनकी ड्यूटी सशस्त्र बल में ही होनी चाहिए। इसे हर हाल में सुनिश्चित करने को कहा गया है।
Source : Hindustan



