लगातार चौथे दिन रविवार काे धूप बेअसर रही। दोपहर में निकली भी ताे आसमान में बादल होने के कारण कुछ देर में ही खत्म हो गई। इस बीच शनिवार की अपेक्षा अधिकतम तापमान में आधा डिग्री की गिरावट हुई। रविवार को जिला समेत पूरे उत्तर बिहार में सुबह 10 बजे तक काेहरा छाया रहा।
बीच-बीच में बादल की वजह से धूप मध्यम रही और शाम ढलते ही अधिकतर इलाकों में कोहरा छा गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 सप्ताह तक कोहरा और बढ़ेगा। 7 से 9 दिसंबर तक पछिया हवा भी चलने के आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। अधिकतम-न्यूनतम व दिन-रात के तापमान में अंतर तेजी से बढ़ता जा रहा है।
सुबह-शाम की ठंड से बचें, खानपान पर ध्यान रखें
तापमान में लगातार अंतर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विवि, पूसा के अनुसार रविवार को अधिकतम-न्यूनतम तापमान में 11.3 डिग्री अंतर रहा। मौसम वैज्ञानिक ए. सत्तार ने बताया कि अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम 12.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रात-दिन के तापमान में भी अंतर बढ़ेगा। चिकित्सकाें का कहना है कि बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है।
फिजीशियन डाॅ. नवीन कुमार ने कहा कि ब्रोंकाइटिस व निमोनिया बच्चों को चपेट में ले रहा है। प्रदूषण से सांस की बीमारियां हाे रही हैं। सर्दी-खांसी-बुखार, बदन-कमर-जाेड़ाें का दर्द, दमा, कोल्ड डायरिया, निमोनिया का प्रकोप बढ़ रहा है। सीएस डाॅ. एसपी सिंह ने कहा कि पीएचसी-एपीएचसी में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
चिकित्सक की सलाह
वायरल फीवर से बचने के लिए पाैष्टिक खाना खाएं, गुनगुना पानी लें, गर्म कपड़े पहनें, सुबह और शाम की ठंड से ज्यादा बचें, भूलकर भी ठंडी चीजों का सेवन अभी नहीं करें। बच्चे में निमोनिया आदि का लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। बुजुर्ग पर भी पूरी तरह नजर बनाए रखें।
कोहरे से ट्रेनें होने लगीं लेट, सड़क पर चलनेवाले वाहनों काे भी परेशानी
कोहरे के कारण रविवार को आधा दर्जन ट्रेनें जंक्शन पर लेट पहुंचीं। ड्रिबूगढ़ से लालगढ़ जानेवाली अवध-असम करीब 2.30 घंटे, अमृतसर-जयनगर सरयू-यमुना एक घंटा, सहरसा-नई दिल्ली वैशाली एक्स. 1.30 घंटे विलंब से जंक्शन पर आईं। परिचालन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनाें पर कुहासे का असर दिखने लगा है। उधर, सड़क पर चलनेवाले वाहनाें के लिए भी परेशानी खड़ी है। खासकर रात व सुबह में काफी धीमी रफ्तार में चलाने के बावजूद दुर्घटना की आशंका से लाेग डरे रहते हैं।
Input: Dainik Bhaskar