बिहार के विभिन्न जिलाें में उत्पादित धान से आंध्र प्रदेश में चावल तैयार किया जा रहा है। वहां से इस चावल काे खाड़ी और अफ्रीकी देशों में निर्यात किया जाता है। इन देशाें में बिहार के सर्वाधिक प्रसिद्ध धान हाइब्रिड सीता या परमल की अधिक मांग है।
चावल की सबसे प्रसिद्ध प्रजाति परमल है। इसकी हल्की खुशबू और स्वाद के कारण अफ्रीकी देश के लोग इसे पसंद करते हैं। परमल में कैलोरी भी ज्यादा होती है। इस कारण मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, समस्तीपुर आदि जिलों से सिर्फ परमल धान ही खरीद कर आंध्र भेजा जा रहा है। डिमांड बढ़ने से 25 वर्षाें के बाद रेल मार्ग से आंध्र भेजा जा रहा है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार गाेलाबांध राेड की आनंद ट्रेडर्स एजेंसी आंध्र के सालमकोट में अग्रवाल एंड कंपनी काे धान की सप्लाई करती है। वहां से दूसरी कंपनी चावल बनाकर उसे अफ्रीकी और खाड़ी देशों में सप्लाई करती है।
डिमांड बढ़ी तो 25 साल बाद रेल मार्ग से सप्लाई, बिहार के इन रेल रैक प्वाइंट से भेजे जा रहे धान
यहां से आपूर्ति
- साेनपुर रेल मंडल नारायणपुर अनंत और खगड़िया- अबतक 8 रैक
- समस्तीपुर रेल मंडल चकिया, माेतिहारी, साेनबरसा, सहरसा और सरसी- अबतक 16 रैक
खरीद की स्थिति
- इस वर्ष एक लाख एमटी धान का हुआ है उत्पादन
- 50 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित
- धान खरीद के लिए 255 पैक्साें काे मिला सीसी लिमिट
लॉन्ग ग्रेन चावल बनाकर की जा रही सप्लाई
आंध्र प्रदेश की अग्रवाल एंड कंपनी को धान की आपूर्ति रेलवे के माध्यम से मुजफ्फरपुर के नारायणपुर अनंत रैक प्वाइंट से की जा रही है। अबतक सिर्फ नारायणपुर अनंत रैक प्वाइंट से ही 3 रैक धान आंध्र प्रदेश की कंपनी काे भेजे जा चुके हैं। इस धान से बने चावल काे पहले प्रोसेसिंग के जरिए लॉन्ग ग्रेन चावल में तब्दील किया जाता है। उसके बाद 5, 10 व 25 किलाेग्राम के पैकेट में पैकेजिंग कर खाड़ी के देशों के अलावा अफ्रीकी देशों में भेजा जाता है।
पहले पंजाब और हरियाणा की कंपनियों को दिया जाता था धान, अब आंध्र प्रदेश भेज रहे
आनंद ट्रेडर्स के प्रोपराइटर पंकज चौधरी ने बताया कि बिहार और झारखंड से बड़ी मात्रा में धान आंध्र प्रदेश भेजा जा रहा है। सिर्फ नारायणपुर अनंत रैक प्वाइंट से 10 हजार मीट्रिक टन धान भेजने का लक्ष्य है। एक रैक में 11 साै टन धान भेजा जाता है।
पहले ट्रक से उत्तर बिहार से पंजाब और हरियाणा की कंपनी काे धान भेजा जाता था। लेकिन, दाेनाें राज्य सरकारों ने धान लेने पर रोक लगा दी है। इसके बाद आंध्र की कंपनी काे धान सप्लाई की जा रही है। पंकज ने बताया कि किसानों और व्यापारियों से धान की खरीद की जाती है।
मुजफ्फरपुर समेत बिहार-झारखंड के किसानों का धान आनंद ट्रेडर्स खरीदकर भेजती है। यहां ललिता इंटरप्राइजेज चावल बनाकर उसकी सप्लाई अफ्रीकी देशों में करती है।
Input: Dainik Bhaskar