भारत बंद के समर्थन में महागठबंधन की तीनों पार्टियां कांग्रेस, राजद और वामदलों पूरी ताकत झोंक दी है। अलग-अलग टोली बनाकर शहर में जुलूस निकाला और व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की। नाथनगर से राजद विधायक अली अशरफ सिद्दीकी भी कार्यकर्ताओं के साथ बंद में शामिल हुए। केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ खूब नारेबाजी की। किसान बिल वापस लेने की मांग महागठबंधन के नेताओं ने की। राजद के प्रधान महासचिव डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने कहा कि केंद्र की दोहरी नीति अब नहीं चलेगी। किसानो की हकमारी के विरोध में महागठबंधन का पुरजोर समर्थन है। इस दौरान जिला प्रवक्ता सह रणवीर यादव, जिला प्रधान महासचिव विश्वजीत कुशवाहा, जिला महासचिव संजय यादव, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष नीशू सिंह, जिला कार्यकारी मीडिया प्रभारी मनजीत ठाकुर युवा राजद जिलाध्यक्ष रहमत उद्दीन शहीद सैकड़ों की संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता प्रदर्शन और जुलूस में शामिल रहे।
इधर, बंद की वजह से सिल्क सिटी की सभी बाजार की दुकानें बंद रही। इसे व्यापारियों के साथ- साथ आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ को बंद को लेकर शहर में सुरक्षा की व्यवस्था चाक-चौबंद दिखी। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौक चौराहे पर जवानों के साथ पुलिस पदाधिकारी तैनात दिखे। व्यवस्था नियंत्रण के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है।
जंक्शन पर सुरक्षा कड़ी, नहीं मिली इंट्री
भारत बंद को लेकर रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्टेशन पर बंद समर्थकों वह किसी भी सूरत में प्रवेश नहीं मिला। इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। जंक्शन के दोनों प्रवेश गेट पर जवानों को तैनात रहे। इसके अलावा प्लेटफार्म और रेलवे ट्रैक पर जवान मुस्तैद हैं। सुबह सात बजे से ही साहिबगंज और जमालपुर की तरफ ट्रेनों का परिचालन अन्य दिनों की तरह समान्य रूप से हुआ।
अभी तक किसी तरह की रेल परिचालन में बाधा नहीं पहुंची है। आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रेल परिचालन अवरुद्ध करने और परिसर में हंगामा करने वाले बंद समर्थकों से सख्ती से निपटा जाएगा। किसी भी हालत में स्टेशन में प्रवेश नहीं मिलेगा। पूरी तरह अलर्ट किया गया है। आरपीएफ जीआरपी मिलकर स्टेशन की सुरक्षा में लगे हैं। ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों और उनके सामानों की जांच की जा रही है। आरपीएफ इंस्पेक्टर हर मूवमेंट की खबर पल-पल लेते दिखे।
Input: Dainik Jagran





