शहर की सड़कों पर बेरोकटोक विचरण करते पशुओं के कारण आने वाली समस्याओं पर दैनिक जागरण में खबर प्रकाशन के बाद प्रशासन की नींद खुली है। इस दिशा में आए निर्देश के मुताबिक सड़क पर अपने खटाल के पशुओं को खुला छोडऩे वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी करवाई की जाएगी। महापौर सुरेश कुमार ने कहा कि पशुओं को पकडऩे के लिए अभियान चलाया जाएगा और पकड़े गए पशुओं को मालिक से जुर्माना वसूल किया जाएगा। साथ ही पशुओं को पकडऩे के लिए कैटल लिफ्टिंग वैन की खरीद की जाएगी। कही।
उन्होंने कहा कि निगम बोर्ड एवं सशक्त स्थायी समिति में सड़क पर खुलेआम घूमने वाले पशुओं पर नियंत्रण के लिए अभियान चलाने एवं जुर्माना वसूल करने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। निगम अधिकारियों को इसे तत्परता से लागू करने को कहा गया है। वहीं अपर नगर आयुक्त ने कहा कि शहरी क्षेत्र स्थित सभी खटालों की सूची तैयार की जा रही है। ऐसे खटालों को चिह्नित किया जा रहा है तो अपने यहां के पशुओं को सड़क पर छोड़ देते है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी खटालों को निगम से लाइसेंस लेने के लिए कहा जाएगा। इससे उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि शहर में चलने वाले खटाल को निगम से लाइसेंस लेना होगा।
संपत्ति कर के दायरे से बाहर रहने वाले होल्डिंग पर होगी कार्रवाई
मुजफ्फरपुर : यदि आपने शहरी क्षेत्र में अपना मकान बनाया है या पूर्व में बने भवन का विस्तार किया है तो 15 जनवरी से पहले स्व-कर निर्धारण करा लें। नगर निगम के संपत्ति कर के दायरे से बाहर रहने वाले होल्डिंग के खिलाफ निगम प्रशासन कानूनी कार्रवाई करेगा। नगर निगम बोर्ड की 18 दिसंबर को हुई बैठक में बड़े पैमाने पर संपत्ति कर के दायरे से बाहर मकान होने व इससे निगम राजस्व को हो रही हानि पर चर्चा हुई थी। बैठक में शहर के सभी मकानों को कर के दायरे में लाने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था।
नगर आयुक्त ने आदेश जारी कर कहा है कि शहरी क्षेत्र में हाल के वर्षो में बड़ी संख्या में मकानों का निर्माण हुआ है। सैकड़ों मकानों का विस्तार हुआ है। असेसमेंट नहीं होने से वे कर के दायरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि कर के दायरे से अब तक जो भी मकान बाहर हैं वे एक से 15 जनवरी तक स्व-कर निर्धारण प्रपत्र अपने-अपने वार्ड के तहसीलदार या निगम कार्यालय में जमा करा दें। 15 जनवरी के बाद ऐसे मकानों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और कर निर्धारण नहीं कराने वाले मकान मालिकों के खिलाफ बिहार नगर पालिका अधिनियम की धाराओं के अधीन कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निगम के सभी तहसीलदारों व टैक्स दारोगा को ऐसे मकानों को चिह्नित कर स्व-कर निर्धारण प्रपत्र भरवाने का निर्देश दिया है।
Input: Dainik Jagran





