यूनाइटेड किंगडम (यूके) में कोरोना वायरस के नए रूप के मिलने की पुष्टि के बाद जिले में आए लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। तीन दिन पहले आठ लोगों के नमूने संंग्रहित कर कोरोना जांच के लिए भेजे गए थे। एसीएमओ डॉ.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को चार लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उम्मीद है कि जो चार रिपोर्ट बाकी हैैं वे भी निगेटिव होंगे। यहां जो लोग आए हैैं उनको एक माह से ज्यादा हो गया है।
इधर अखाड़ाघाट इलाके में एक व्यक्ति ब्रिटेन से आया है। उसकी सूचना राज्य मुख्यालय से आने के बाद जिला कंट्रोल रूम से जब उससे संपर्क किया गया तो स्विच ऑफ मिला। उसके बाद महकमे में खलबली मच गई। एसीएमओ ने बताया कि उस इलाके की आशा को हर घर जाकर सर्वे करने को कहा गया है। पहचान होने के बाद कोरोना जांच कराई जाएगी।
जिले में अबतक आए 14 लोग
ब्रिटेन से आए 12 व सिंगापुर से एक यानी 13 लोगों से कंट्रोल रूम ने मोबाइल से संपर्क किया। साथ ही एक व्यक्ति के अखाड़ाघाट पहुंचने से संख्या 14 हो गई है। छानबीन के बाद बाद सामने आया कि भगवानपुर भामानगर में रहने वाले एक परिवार के तीन सदस्य मुंबई होते हुए इंग्लैंड की यात्रा पर निकले हैैं। वैसे उनलोगों से बातचीत में कोरोना का कोई लक्षण नहीं पता चला है। जांच टीम ने दामुचक से पांच व सिकंदपुर कुंडल से तीन नमूने लिए हैैं। इनमें चार की रिपोर्ट आ गई है।
वायरस की पहचान को संग्रहित किए जा रहे नमूने
जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि बाहर से आने वाले लोग कोरोना संक्रमित मिलते हैैं तो उनकी दोबारा जांच होगी। यह देखना होगा कि वायरस पुराना वाला है या नया। नया वाला वायरस मिलने पर नमूना बेंगलुरू भेजा जाएगा। वैसे जिस तरह से बात हो रही है लगता है सभी लोग संक्रमित नहीं हैं।
यूके से आने वालों की आव्रजन ब्यूरो से साझा की गई है सूची
पिछले 28 दिनों में यूके से आए सभी लोगों की सूची संबंधित राज्यों के आव्रजन ब्यूरो के साथ साझा कर दी गई है। वहीं 25 नवंबर से 20 दिसंबर, 2020 के बीच यूके से आए सभी यात्रियों पर आइडीएसपी राज्य निगरानी और जिला निगरानी इकाइयों द्वारा नजर रखी जा रही है। आइसीएमआर के दिशानिर्देशों के तहत इन यात्रियों की जांच की जा रही है।
Input: Dainik Jagran