बिहार के मुजफ्फरपुर गैंगरेप मामले में बड़ खुलासा हुआ है. गैंगरेप की घटना के बाद सकरा थाना प्रभारी का एक धमकी भरा ऑडियो वायरल हो रहा है. पीड़िता और उसके परिजनों को मदद करना सकरा थानेदार को नागवार गुजरा. उन्होंने एक पूर्व जनप्रतिनिधि को कॉल कर थाने पर बुलाया. थाने पहुंचने में देर होने पर उन्हें धमकी भी देने लगे. इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ है. थानेदार रामनाथ प्रसाद ने मोबाइल पर धमकी दी कि मामला झूठा निकलने पर वे जनप्रतिनिधि को जेल भेज देंगे. इस पर जनप्रतिनिधि ने भी कड़ी आपत्ति जतायी. इसके बाद दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई. मीडिया के पास इसकी ऑडियो मौजूद है.
परिजनों का आरोप है कि वे लोग जब पीड़िता को लेकर थाने पर पहुंचे, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. उल्टे उनलोगों को ही डांट-फटकार लगाने लगी. पुलिस ने इसे प्रेम-प्रसंग का मामला बता कर पल्ला झाड़ लिया. पीड़िता के पिता को आवेदन लिख कर टेबल पर रख कर चले जाने को कहा. इसके बाद परिजन निराश हो गये
लेकिन, मीडिया में मामला आने के बाद जब डीजी कंट्रोल और एसएसपी ने पूछताछ की, तो सकरा थानेदार सक्रिय हुए. परिजनों को थाने पर बुलाया. लेकिन, तब तक परिजन पीड़िता को लेकर महिला थाने पर पहुंच गये. महिला थानेदार नीरू कुमारी ने पॉस्को एक्ट में केस दर्ज किया है. इसमें मो. इजहार, आदित्य झा व तीन अज्ञात को आरोपित किया है. इजहार को पुलिस गुरुवार को कोर्ट में पेश करेगी. इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेजा जायेगा
Input: Prabhat Khabar