पटना. सोमवार को पेश हुए आम बजट (Union Budget 2021) को लेकर बिहार के राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है. सूबे के मुखिया यानी सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने जहां कोरोना जैसी आपदा के बाद आए बजट का स्वागत किया है तो वहीं उनके विरोधी दलों ने इस बजट की आलोचना करते हुए निराशाजनक बताया है. बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद (Bihar Deputy CM Tarkishore Prasad) ने आम बजट का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम हुआ है. ये बजट किसानों के प्रति बेहतर सोच दिखाने वाला है. प्रधानमंत्री का बिहार के प्रति हमेशा सकारात्मक रवैया रहा है और बिहार को आगे बढ़ने में केंद्र की बड़ी भूमिका रही है.

बजट पर नकारात्मक प्रतिक्रिया देने वालों में बिहार के पूर्व सीएम और एनडीए के घटक दल हम पार्टी के प्रमुख जीतन राम मांझी भी शामिल हैं. जीतन राम मांझी ने बजट को किसानों और आम लोगो के लिए बेहतर बताया है लेकिन प्राइवेटाइजेशन का विरोध किया. जीतन राम मांझी ने कहा कि आज का बजट कई मायनों में बेहतर है. किसानों की आमदनी बढ़ाने की बात कही गई है, कई राज्यो में बड़े पैमाने पर सड़कों का निर्माण होगा पर प्राइवेटाइजेशन में लोगों को आरक्षण दिया जाना चाहिए. मांझी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर भी सरकार को सोचना चाहिए था.

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राष्ट्र के पूर्ण विकास का बजट है. सभी का विकास और सभी वर्गों को लाभ देने वाला है, आर्थिक रूप से और मजबूत होने का बजट है.

आम बजट पर पूर्व मंत्री प्रेम कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये बजट देश की व्यवस्था को आकार देगा. इस बजट से किसानों की आय बढ़ेगी. सभी क्षेत्रों में ध्यान दिया गया है और समाज के सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है. उन्होंने कहा कि ये बजट आम लोगों और गरीबो के लिए है जो देश को बनाने में मिल का पत्थर साबित होगा. आरजेडी ने बजट का विरोध करते हुए कहा कि इस बजट से जो उम्मीदें थीं वो नहीं मिली हैं. बिहार को इस बजट से कुछ नहीं मिला है. बिहार के 19 लाख लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी.

Source : News18

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