कोलकाता: प्रभु श्री राम (Shriram) का नाम सुनते ही ममता बनर्जी ( Mamta Banerjee) को गुस्सा क्यों आ जाता है. इस पर उनकी पार्टी की सांसद और अभिनेत्री नुसरत जहां (Nusrat Jahan) ने राज खोला है.  Zee News से Exclusive बात करते हुए नुसरत जहां ने कहा,’नेताजी बोस के कार्यक्रम में राम का नारा चिढ़ाने के मकसद से लगाया गया था. ऐसे में बार-बार एक ही नारे के प्रयोग से गुस्सा आना लाजमी है.’

‘बीजेपी ने नेताजी के समाहोह को इवेंट बना दिया’

नुसरत जहां (Nusrat Jahan) ने कहा,’हमें राम (Shriram) नाम से कोई परेशानी नहीं है. लेकिन बीजेपी ने नेताजी के जन्म समारोह को अपना इवेंट बना दिया.’ उन्होंने सवाल किया कि क्या राम का नाम आप किसी को चिढ़ाने के लिए लेते हैं?’ ‘राम के अलावा बाकी भगवान के नाम से परहेज क्यों ?’ नुसरत ने आरोप लगाया कि नेताजी बोस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  (Mamta Banerjee) का अपमान किया गया. बीजेपी ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक इवेंट में परिवर्तित कर दिया. उन्होंने कहा कि जय श्री राम बीजेपी का स्लोगन नहीं है तो मां माटी मानुष TMC का भी नहीं है.

‘लव जेहाद पर कानून लाने का विरोध’

बंगाल में लव जेहाद पर बीजेपी द्वार कानून लाए जाने की घोषणा पर नुसरत जहां (Nusrat Jahan) ने कहा, ‘किसी को भी दूसरे का जीवन निर्धारित करने का हक नहीं है. रहना, खाना या शादी करना सबका निजी अधिकार है. शादी का फैसला व्यक्ति का निजी अधिकार है.’

‘बीजेपी पैसे के दम पर राजनीति करती है’

यह सवाल कि यदि ममता बीजेपी को बाहरी बताती हैं तो उसके 18 सांसद कैसे जीत गए ? नुसरत जहां ने कहा, ‘बीजेपी के पास अथाह पैसा है, हमारे पास नहीं. बीजेपी लोगों के साथ बिजनेस स्ट्रेटजी के साथ जुड़ती है. बीजेपी में लोग आज पैसे की वजह से शामिल हो रहे हैं. बीजेपी पैसे के दम पर राजनीति करती है.’

‘पद-पैसे के लालच में लोग TMC छोड़ रहे हैं’

TMC में नेताओं के लगातार पार्टी छोड़ने के सवाल पर नुसरत जहां ने कहा, ‘सही जवाब न होने पर वो झूठी कहानी रच रहे हैं. अचानक पार्टी की विचारधारा पर सवाल उठाना संदेहास्पद है. रातों-रात विचारधारा बदलना कैसे संभव है. जाने वाले लोग पद, पैसे के लालच में पार्टी छोड़ रहे हैं.

‘TMC में फैसला नेताओं की सहमति से होता है’

TMC में केवल ममता  ( Mamta Banerjee) और अभिषेक के चलने के सवाल पर नुसरत ने कहा कि सिर्फ दो लोगों के निर्णय से पार्टी चलाना असंभव है. टीएमसी में निर्णय सभी के सलाह मशवरे से होता है. उन्हें भी निर्णय लेते वक्त शामिल किया जाता है. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेता का दावा है कि चुनाव तक दीदी अकेली रह जाएंगी. तो क्या बीजेपी हर नेता के पास पैसे पहुंचा चुकी है?

‘विपक्ष बंगाल में ध्रुवीकरण बढाने में लगा’

बंगाल में चुनाव हिंदू-मुसलमान में होने के सवाल पर नुसरत जहां (Nusrat Jahan) ने कहा कि विपक्ष चुनाव का ध्रुवीकरण कर रहा है. वह समुदायों में मतभेद बढ़ाने की साजिश कर रहा है. टीएमसी का इस धुर्वीकरण से कोई संबंध नहीं है. ओवैसी के पश्चिम बंगाल में सक्रिय होने के सवाल पर उन्होंने कहा, मुसमानों पर अत्याचार के समय ओवैसी कहां थे? मॉब-लिंचिंग के वक्त ओवैसी क्यों नहीं दिखे. इससे पहले मुसलमानों के हक में आवाज क्यों नहीं उठाई. नुसरत ने आरोप लगाया कि AIMIM अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को समर्थन देती है.

‘दीदी के विकास और मोदी के बिजनेस मॉडल में चुनाव’

नुसरत जहां ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल का चुनाव दीदी के विकास और मोदी के बिजनेस मॉडल पर है. CPM के शासन में बंगाल 35 साल अंधेरे में था. लेकिन अब यहां उजाला है. उन्होंने दावा किया कि  पीएम के सामने दीदी के अपमान को बंगाल भूलेगा नहीं. बंगाल की सभ्यता बीजेपी नहीं जानती.

‘अम्फान तूफान में केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं की’

अम्फान तूफान के बाद राहत कार्यों में भ्रष्टाचार और तोलाबाज जैसे शब्द पर नुसरत जहां ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं की. वह मदद के नाम पर लोगों को गुमराह करती रही. केंद्र सरकार लोगों की आंख में धूल झोंकने का काम कर रही है. नुसरत जहां ने कहा कि तूफान के दौरान उन्होंने खुद जाकर लोगों की मदद की और लोगों के नाम राशन कार्ड में जुड़वाए.

‘अपना हक छीने जाने से परेशान हैं देश के किसान’

दिल्ली में किसानों की हिंसा पर नुसरत जहां (Nusrat Jahan) ने कहा कि अपना हक छीने जाने से किसान परेशान हैं लेकिन पीएम किसानों का दर्द नहीं समझ रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कमजोर वर्ग को निशाना बना रही है. उन्होंने दावा किया कि इस बार का बंगाल चुनाव एक बार फिर टीएमसी जीतेगी. बंगाल की जनता दीदी के विकास को जानती है. वह आज भी बंगाल के लोगों के लिए लड़ रही हैं. बंगाल के लिए सिर्फ दीदी ही सही विकल्प हैं.

Source : Zee News

 

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