बिहार में मंगलवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नीतीश कैबिनेट की बैठक हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गए। अन्य विभागीय कर्मियों की तर्ज पर ही ड्यूटी के दौरान मृत या फिर स्थाई अपंगता मामले में होमगार्ड के आश्रितों को भी नौकरी दी जाएगी। नीतीश कैबिनेट ने इसकी स्वीकृति दे दी।

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इसके अलावार कैबिनेट ने बिहार नगर पालिका सेवा संवर्ग नियमावली-2021 को स्वीकृति दी है। नए नियमावली के लागू होने के बाद नगर निकाय कर्मियों की सेवा शर्तों में बदलाव होगा। बिहार प्रोबेशन सेवा के कर्मियों को वेतन का लाभ देने का भी फैसला किया गया है। 2014 की नियमावली में बदलाव किया गया है। बोध गया-डोभी रोड पर थ्री स्टार होटल बनाने का भी फैसला लिया गया है। इसके लिए तीन करोड़ 5 लाख की लागत आने का अनुमान है।

बिहार कैबिनेट ने बोधगया में ग्लोबल लर्निंग सेंटर नालंदा इंस्टीट्यूट ऑफ दलाई लामा के लिए 5 करोड़ 79 लाख रुपए की मंजूरी दी है। कला संस्कृति एवं युवा विभाग क्षेत्रीय लिपिकीय संवर्ग भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली 2021 की स्वीकृति दी गई है।

नीतीश मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, 17 नए मंत्रियों ने ली शपथ

मंगलवार को राजभवन के राजेन्द्र मंडप में आयोजित एक भव्य समारोह में नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल किए गए 17 नए मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इनमें 9 भाजपा तो 8 जदयू के हैं। राज्यपाल फागू चौहान ने मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी। बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद 16 नवम्बर को राज्य मंत्रिमंडल का गठन हुआ था। तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 14 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें से एक के इस्तीफे के बाद सीएम समेत मंत्रिमंडल में 14 सदस्य थे। विस्तार के बाद अब यह संख्या 31 पहुंच गयी है जबकि मंत्रियों के पांच पद रिक्त छोड़ा गया है।

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11 पहली बार बने राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा

मंगलवार को शपथ लेने वाले 17 में ग्यारह पहली बार नीतीश मंत्रिमंडल या कहें राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। शाहनवाज हुसैन केन्द्रीय मंत्री रहे हैं लेकिन राज्य मंत्रिमंडल में वे पहली बार शामिल हुए हैं। पहली बार जदयू के सुनील कुमार, मो. जमा खान, सुमित कुमार सिंह, जयंत राज जबकि भाजपा के नितिन नवीन, सुभाष सिंह, नारायण प्रसाद, नीरज कुमार सिंह, आलोक रंजन और जनक राम मंत्री बने हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में पहले मंत्री रहे छह नेताओं को फिर से यह दायित्व दिया गया है, इनमें पिछली सरकार के भी चार मंत्री संजय झा, श्रवण कुमार, मदन सहनी और प्रमोद कुमार शामिल हैं। सम्राट वैसे तो तीसरी बार लेकिन भाजपा कोटे से पहली बार मंत्री बनी हैं। लेसी सिंह पिछले कार्यकाल में मंत्री नहीं थीं।

Source : Hindustan

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