गोरखपुर : उत्तरप्रदेश के गोरखपुर में एक 80 साल के बुजुर्ग की आपबीती सुन आपका दिल भी पसीज जाएगा। इस बुजुर्ग का नाम सीताराम चौहान है जिसका जीवन लोगों को अपनी आपबीती सुनाने और पट्टीदारों से मुकदमा लड़ने में गुजर रही है। आपको बता दें कि यह बुजुर्ग दिनभर खजड़ी बजाकर पैसा कमाता है और उन पैसो से अपना मुकदमा लड़ता है।

खजड़ी बजाकर लोगों को अपनी आपबीती सुनाते हैं
सीताराम चौहान लोगों को अपनी आपबीती सुनाकर भीख मांगते हैं उस भीख से मिले रुपयों से अपना पेट पालते हैं और पट्टीदारों से मुकदमा लड़ते हैं। इनकी बढ़ती उम्र के साथ इनकी याददाश्त भी कमजोर हो चुकी है जिसके चलते यह अपनी मुकदमें की तारीख से सात दिन पहले ही कचहरी चले गए।
आपको बता दें कि इनका मुकदमा 17 फरवरी को था लेकिन यह 10 फरवरी को ही कोर्ट चले गए।
सीताराम बताते है यह आपबीती
80 साल के सीताराम लोगों को अपनी आपबीती में बताते हैं कि मैं जब छोटा था तब असम चला गया था वहीं मेरी शादी हो गई और मेरे दो बेटे हुए। जब वह कमाने खाने लायक हुए तो दोनों की एक घटना में मौत हो गई। 10 साल पहले जब वो वापस आए तो इनकी जमीन पर इनके पट्टीदारों ने कब्जा कर लिया था। जब इन्होंने थाने पर शिकायत की तो किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।
2014 में दर्ज किया था मुकदमा
सीताराम ने अपनी जमीन को वापस पाने के लिए 2014 में चकबंदी अधिकारी प्रथम के यहां अपना मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद अपने पेट का खर्च निकालने और इस मुकदमे को लड़ने के लिए लोगों खजड़ी बजाकर संगीत की तरह अपनी आपबीती सुनाने लगे। इससे उन्हें कुछ रुपये मिल जाया करते हैं जिससे वह पालन पोषण कर पा रहे हैं।
Source : NewsTrack

