बिहार के गोपालगंज जिले में जहरीली शराब ने छह मजदूरों की जान ले ली. जबकि दो लोग जो शराब पीने के बाद जीवित बचे हैं, उनके आखों की रौशनी चली गयी है. फिलहाल दोनों पीड़ितों को इलाज के लिए देवरिया रेफर कर दिया गया है. इधर, जब पीड़ितों के परिजनों से शराब कहां से मिली इस बात की पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि मठिया गांव निवासी सुबास गोड़ के घर जाकर उन्होंने शराब पी थी. उसके बाद तबियत बिगड़ने लगी.

परिजनों की मानें तो पकड़े जाने के डर से उन्होंने इलाज नहीं कराया. हालांकि, बाद में जब आंखों की रौशनी जाने लगी, तो आननफानन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में लाया गया, जहां से दोनों को बेहतर इलाज के लिए बाहर भेज दिया गया. बता दें कि बीते दिनों विजयपुर के मंझवालिया गांव में जहरीली शराब पीने से झारखंड के गुमला जिले के तीन मजदूरों की मौत हो गयी थी. इसके बाद मंझवालिया गांव के तीन और लोगों की एक-एक कर मौत हो गयी. वहीं , दो लोगों के आखों की रौशनी चली गयी है.

विभाग ने थानाध्यक्ष पर की कार्रवाई

इधर, शराबबंदी वाले राज्य में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. इस मामले में विजयीपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार और स्थानीय चौकीदार अमरेश यादव को निलंबित कर दिया गया है. एसपी आनंद कुमार ने हथुआ एसडीपीओ नरेश कुमार की जांच रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की है.

लगातार की जा रही है छापेमारी

 

पुलिस ने पीड़ितों का बयान के आधार पर सुबास गोड़ की मकान को सील कर दिया है. वहीं, मुजफ्फरपुर से एफएसएल और डॉग स्क्वॉयड की टीम जांच के लिए बुला ली गयी. इस मामले में डीएम नवल किशोर चौधरी और एसपी ने विजयीपुर के मठिया, मझवलिया समेत विभिन्न गांवों में पुलिस टीम के साथ छापेमारी की है. छापेमारी के दौरान कई जगहों से चुलाई शराब बरामद की गई है.

गौरतलब है कि 17 फरवरी को विजयीपुर थाने के मझवलिया के मठिया में जहरीली शराब पीने से झारखंड के गुमला रहने वाले तीन मजदूरों की मौत हो गई थी. उसके बाद 18 फरवरी को तीन और मजदूरों की मौत हो गयी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आई है. मृतकों में बुधवा पन्ना, मंगू उरावं, करमा पन्ना, रामअवध यादव, काशी यादव और केदार यादव शामिल हैं.

Input: ABP News

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