बिहार में जहरीली शराब पीने से होने वाली मौत का मामला पूरी तरीके से राजनीतिक रंग लेता जा रहा है. एक और जहां विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए शराबबंदी कानून (Bihar Liquor Policy) को विफल करार देने में जुटा है तो वहीं एनडीए (NDA) में शामिल सहयोगी दलों ने भी शराबबंदी कानून की सफलता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. जीतन राम मांझी (Jitam Ram Manjhi) की हम पार्टी ने कैमूर, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में जहरीली शराब कांड को लेकर होने वाली मौतों पर दुख जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बड़ी मांग कर दी है.

हम पार्टी ने जहरीली शराब कांड को लेकर संबंधित जिलों के एसपी और स्थानीय पुलिस पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. पार्टी प्रवक्ता दानिश रिजवान ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से ही बिहार में शराब का धंधा फल-फूल रहा है. उधर मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी ने भी शराबबंदी कानून को लेकर पुलिस महकमे के अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है.

पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा ने कहा है कि शराबबंदी कानून के कारण राज्य सरकार को राजस्व का भारी घाटा सहन करना पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद पुलिस महकमे की लापरवाही से यह कानून प्रभावी होता नहीं दिख रहा है. राजीव मिश्रा ने कहा कि इस कानून को प्रभावी बनाने के लिए आम जनता को पुलिस को सहयोग करना होगा लेकिन राजीव मिश्रा ने बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़ा किया और कहा कि नीचे से लेकर ऊपर तक बड़े पदाधिकारियों पर भी शराब बंदी कानून उल्लंघन के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए.

Input: News18

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD