बिहार में इंटरमीडिएट उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन कल यानी पांच मार्च से शुरू हो रहा है। मूल्यांकन के लिए प्रदेशभर में 130 केंद्र बनाये गये हैं। पिछले साल की तुलना में चार केंद्र ज्यादा बनाए गए हैं। बिहार बोर्ड की मानें तो 2020 में 126 केंद्रों पर कॉपी जांची गयी थी। पटना जिले में आठ मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं।

ज्ञात हो कि मूल्यांकन पांच से 15 मार्च तक किया जायेगा। इसके लिए सभी जिलों के ब्रजगृह से उत्तरपुस्तिका केंद्रों पर भेज दी गयी है। विषयवार शिक्षकों की सूची ऑनलाइन बोर्ड वेबसाइट पर जारी कर दी गयी है। इसके साथ ही सभी डीईओ कार्यालय में नियुक्ति पत्र की हार्ड कॉपी बोर्ड द्वारा भेजी गई है। मुख्य परीक्षक के अंदर में औसतन दस से 12 सह परीक्षक रहेंगे। ज्ञात हो कि पहले इंटर मूल्यांकन 25 फरवरी से आठ मार्च तक निर्धारित किया गया था। लेकिन इसके तिथि में बदलाव कर दिया गया है।

कॉपी जांच के साथ ही अंक होंगे प्रविष्ट

सह परीक्षकों द्वारा कॉपी जांचने के साथ ही उसी दिन कंप्यूटर पर अंकों को प्रविष्ट किया जायेगा। इसके लिए हर केंद्र पर विषयवार एमपीपी (मार्क्स पोस्टिंग पर्सनल) रखें जायेंगे। हर केंद्र के लिए एमपीपी नियुक्ति किये गये है। कॉपी जांच के साथ ही अंक को कंप्यूटर पर रखा जायेगा जिससे रिजल्ट तैयार करने में आसानी होगी। एमपीपी, सह-परीक्षक बोर्ड वेबसाइट से भी अपना नियुक्ति पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

चार मार्च को करें योगदान नहीं तो होगी कार्रवाई

बिहार बोर्ड की मानें तो चार मार्च को योगदान अनिवार्य रूप से करना है। निर्धारित तिथि को मूल्यांकन केंद्र पर योगदान नहीं करने की स्थिति में बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी।

एक पाली में होगा मूल्यांकन

इस बार उन विषयों का मूल्यांकन एक पाली में की जायेगी जिस विषय में शिक्षकों की संख्या कम है। मूल्यांकन सुबह साढ़े नौ से शाम पांच बजे तक चलेगा। अगर परीक्षक चाहे तो वो शाम सात बजे तक मूल्यांकन कर सकते हैं। ज्ञात हो कि पहले बोर्ड ने दो पाली में मूल्यांकन करना निर्धारित किया गया था।

Input: Live Hindustan

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