शराबबंदी (Total Prohibition) वाले राज्य में सरकार के एक मंत्री के भाई का नाम भी शराब के अवैध कारोबारी के तौर पर दर्ज है। उनका नाम पुलिस के एफआइआर में है। यह खुलासा मंगलवार को विधानसभा में भाकपा माले के विधायक अमरजीत कुशवाहा (Amarjeet Kushwaha ) ने किया। वे उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ( Bihar Excise and Prohibition Department ) के बजट पर जारी बहस में हिस्सा ले रहे थे।

कुशवाहा ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय के पिता के नाम पर बने स्कूल में पुलिस ने छापामारी की थी। वहां से बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी हुई। मंत्री के भाई को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है। इसके बाद सदन में शराबबंदी पर जमकर बहस हुई। राजद विधायकों ने भी शराबबंदी को जमकर कोसा।

शराब का रूपया मंत्रियो को पहुंचता
कुशवाहा का कहना था कि शराबबंदी मजाक है। इसने युवाओं को अवैध कारोबार में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि शराब का कारोबार कानून से नहीं, जनता को जागरूक बनाने से होगा। विधायक ने कहा कि शराबबंदी से जिनका रोजगार चला गया है, उनके लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शराब के अवैध कारोबार का रुपया सरकार के मंत्रियों तक पहुंचता है। राजद के रामकृष्ण सदा ने आरोप लगाया कि शराब का अवैध कारोबार घातक स्तर पर पहुंच गया है। राजद के बच्चा पांडेय ने कहा कि गांवों में शराब की होम डिलीवरी हो रही है।
Input: Dainik Jagran







