हाईकोर्ट की रोक के बावजूद शहर में सड़क निर्माण में एजेंसी की ओर से मनमानी बरती जा रही है। हाईकोर्ट का आदेश है कि निर्माण के दौरान सड़क की ऊंचाई नहीं बढ़ाई जाएगी। पहले से बनी सड़क को खोद कर उसका पक्कीकरण करना है। बावजूद इसके जवाहरलाल रोड में पहले की ढलाई पर ही 8 इंच मोटी ढलाई की जा रही है।

तकरीबन 4 साल के इंतजार के बाद लेप्रोसी मिशन से नवयुवक समिति ट्रस्ट तक सड़क बनाने का काम शुरू हुआ है। जवाहरलाल रोड में पक्की सड़क पर ढलाई शुरू कर देने से कारोबारियों में नाराजगी है।

हार्डवेयर कारोबारी रामाशंकर बताते हैं कि सड़क की ऊंचाई बढ़ाने से कई दुकानों में पानी घुसने की आशंका है। ऊंचाई बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं थी। वार्ड-2 के संजय सिनेमा रोड में पक्की सड़क पर ढलाई शुरू करने से नाराज लोगों ने काम ही रोक दिया है।

चार साल के इंतजार के बाद शुरू हुए सड़क निर्माण में भी नियमों की अनदेखी से लोग हो रहे परेशान

क्या कहते हैं इंजीनियर

वार्ड नंबर 2 में जो अभी सड़क की ऊंचाई को लेकर विवाद हो रहा है। उसमें विभाग क्या कर सकता है? किसी भी मोहल्ले में एक ऊंचाई में मकान की बुनियाद नहीं है। ऐसी स्थिति में कुछ लोगों का विरोध होगा ही। हाईकोर्ट की रोक है। लेकिन जलजमाव की वजह से कुछ जगह सड़क की ऊंचाई नहीं बढ़ाई जाएगी तो सड़क बनाने का कोई औचित्य नहीं रहेगा।
-अशोक कुमार सिन्हा, एक्सक्यूटिव इंजीनियर, बुडको

जवाहरलाल रोड को बहुत बेहतर बनाया जा रहा है। रोड के दोनों तरफ थोड़ी ढलाई रहेगी। ड्रेनेज भी उसी हिसाब से बनेगा। तकनीकी वजह से सड़क की बिना खुदाई किए ढलाई की जा रही है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों से सहयोग की उम्मीद है।
– अंजनी कुमार, एक्सक्यूटिव इंजीनियर, पथ निर्माण विभाग

बीबीगंज रोड के लोगों में भी है नाराजगी

एनएच-28 स्थित डॉ. निशिंद्र किंजल्क के मकान से रेलवे गुमटी तक हाल में सड़क की ढलाई हुई है। सड़क ढलाई के बाद डॉ. निशिंद्र किंजल्क, पूर्व वार्ड पार्षद राजा विनीत समेत कई लोगों का घर नीचे व सड़क ऊपर हो गया है। राजा विनीता का कहना है कि निगम के इंजीनियरों के पास कोई विजन ही नहीं है। जिसकी वजह से इस तरह से सड़क की ढलाई की गई।

माड़ीपुर के लोगों ने हाईकोर्ट तक पहुंचाया मामला

माड़ीपुर चौक से बीबीगंज रेलवे गुमटी तक सड़क की ऊंचाई का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। विवाद के कारण काम रोकना पड़ा। लंबे समय तक हाईकोर्ट की वजह से ही काम अधूरा फंसा रहा। इसी तरह की स्थिति प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय से जुड़ी गली में भी सड़क की ऊंचाई को लेकर पैदा हो गई।

तत्कालीन डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के हस्तक्षेप पर किसी तरह से मामला सलटा। तब जाकर सड़क की ढलाई हुई। सड़क की ऊंचाई को लेकर ही बटलर-दिघरा रोड का निर्माण लंबे लंबे समय तक फंसा रहा।

Input: Dainik Bhaskar

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