खगड़िया. बिहार के खगड़िया (Khagaria) जिले के रहने वाले रेडियो ऑपरेटर रामकुमार को प्रतिबंधित उल्फा (ULFA) संगठन ने रिहा कर दिया है. जैसे ही यह खबर उनके गांव बहादुरपुर में रहने वाले घरवालों को मिली पूरा परिवार खुशी से झूम उठा. अगवा किए गए बेटे की रिहाई की बात सुनकर मां के आंख खुशी के आंसुओं से भर गये. गांववालों को भी रामकुमार की रिहाई की जानकारी हुई तो वो उनके घर पहुंचने लगे. रामकुमार के परिवारवालों ने उसकी सकुशल रिहाई के लिए गांव के मंदिर में मन्नत मांगी थी जो पूरा हो गया है. रामकुमार के पिता लक्ष्मी तांती को अब अपने बेटे को एक झलक देखने की इच्छा है. वहीं, मां सुमित्रा देवी हाथ जोड़कर सभी को धन्यवाद दे रही हैं.

रामकुमार की मां सुमित्रा देवी ने गांव के हनुमान मंदिर में उसकी सकुशल रिहाई के लिए मन्नत मांगी थी. वो यहां रोज दीये जलाती थीं और भगवान से अपने बेटे की रिहाई की प्रार्थना करती थीं. रामकुमार की रिहाई की खुशी में मिठाइयां बांटी जा रही हैं.

खगड़िया के जिलाधिकारी (डीएम) आलोक रंजन घोष ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि ULFA द्वारा अलौली थाना क्षेत्र के रामकुमार को असम राइफल्स को आज सुपुर्द कर दिया गया. रामकुमार जल्द खगड़िया वापस लौटेंगे. चांगलांग के डीएम देवांश यादव ने फोन पर उन्हें यह जानकारी दी थी.

क्या है यह पूरी घटना
अरुणाचल प्रदेश में किप्पो ऑयल एंड गैस इंस्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में रामकुमार रेडियो ऑपरेटर के पद पर काम करते थे. यह कंपनी इंडियन ऑयल के लिए गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य करती है. प्रतिबंधित उल्फा संगठन ने रामकुमार और असम के रहने वाले एक इंजीनियर का अपहरण कर लिया था. अरुणाचल के चांगलांग जिले के डियून थाना में 22 दिसंबर, 2020 को इसकी प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी. राकुमार के अपहरण की सूचना मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया था.
Source : News18







