मुंबई से प्रवासी कामगारों को लेकर चली अतिरिक्त विशेष ट्रेन साढ़े तीन घंटे की देरी से दरभंगा जंक्शन पर पहुंची। समस्तीपुर से खुलने के साथ ही विभिन्न स्टेशनों पर ट्रेन रुकती गई और लोग उतरते गए। सबसे ज्यादा यात्री लहेरियासराय स्टेशन पर ही बिना जांच उतर गए। इस बीच दरभंगा जंक्शन पर शाम छह बजे से ही मुंबई से आने वाली विशेष ट्रेन के आगमन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चौकस थे।

मुंबई से पहुंचने वाली गाड़ी संख्या 01143 मुंबई- दरभंगा निर्धारित समय 18.50 बजे से साढ़े तीन घंटे लेट थी। 15 सौ यात्री सवार थे। काफी कम संख्या में ही दरभंगा स्टेशन पर यात्री उतरे। आरपीएफ इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार और जीआरपी थाना प्रभारी मो. हारुण राशिद के नेतृत्व में बोगियों से बारी-बारी निकाला गया। नर्स और स्वास्थ्य कर्मी जांच कर रहे थे। कोरोना संदिग्ध को प्रोटोकॉल के तहत रोका जा रहा था।

कहा कि कोरोना फेज-एक में भी इसी तरह स्पेशल ट्रेन से घर पहुंचा था। उस समय जंक्शन पर सुविधाएं मिली थीं। दूसरी बार बेरोजगार होकर घर लौटा हूं, अब बहुत हो गया। बिहार में ही रोजगार की तलाश करूंगा। मनीगाछी निवासी हेमकांत कामति ने कहा कि वहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में जान जा रही है। ऐसी स्थिति में रहना ठीक नहीं लगा। देवकांत मंडल ने बताया कि ट्रेन में सुविधाएं नहीं थी। शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा था। बोगियों में भीड़ थी। स्टेशन पर जिला प्रशासन से भी इस बार सुविधा नहीं मिली।
Input: Dainik Jagran








