कोरोना महामारी ने खून के रिश्तों को तार-तार कर दिया है. लोगों में खौफ इस कदर है कि Corona से मृत लोगों के शव छोड़ कर अपने ही लोग भाग खड़े हो रहे हैं. बेटा बाप का शव छोड़ कर भाग रहा है तो पत्नी पति के शव को देखने तक नहीं आ रही है.
ऐसे में दरभंगा की दो बेटियों ने ना सिर्फ अपने रिटायर्ड बैंककर्मी पिता के शव को स्वीकार किया बल्कि उनका अंतिम संस्कार करने श्मशान तक गईं. उन्हीं में से एक बेटी ने पिता को मुखाग्नि भी दी. पिता की मौत बुधवार को डीएमसीएच में हुई थी जिनका अंतिम संस्कार बुधवार की ही देर रात किया गया.

दरअसल, दरभंगा शहर के एक रिटायर्ड बैंककर्मी का कोरोना की वजह से DMCH में निधन हो गया. उनका कोई बेटा नहीं था बल्कि तीन बेटियां ही हैं. इनमें से भी एक बेटी Corona Positive है. जब पिता का अंतिम संस्कार करने की बारी आई तो कोई रिश्तेदार सामने नहीं आया. ऐसे में कबीर सेवा संस्थान और जिला प्रशासन के लोग अंतिम ,संस्कार के लिए आगे आए. उन्होंने जब शव को एंबुलेंस पर लाद कर डीएमसीएच से श्मशान चलने की तैयारी की तो मृतक की दोनों बेटियां उनके साथ चल पड़ीं. लोगों ने लाख रोका लेकिन दोनों में से कोई बेटी नहीं मानी.

आखिरकार कबीर सेवा संस्थान के लोगों ने दोनों को पीपीई किट पहनाई और उन्हें लेकर श्मशान गए. वहां एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी और उन्हें दुनिया से पूरे आदर के साथ विदा किया.
Input: Zee Media






