कोरोना महामारी के बीच देश में कई लोग मदद का हाथ आगे बढ़ा रहे हैं। इस जंग में नागपुर के प्यारे खान नाम के कारोबारी भी शामिल हो गए हैं। कभी रेलवे स्टेशन के बाहर संतरे बेचने वाले प्यारे खान आज 400 करोड़ रुपये की कंपनी के मालिक हैं। प्यारे खान ने 400 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के लिए 85 लाख रुपये दान दिए हैं।

नागपुर के जाने-माने ट्रांसपोर्टर प्यारे खान अस्पतालों में ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं। अभी तक उन्होंने 32 टन ऑक्सीजन पहुंचाई भी है।
प्रशासन ने प्यारे खान को ऑक्सीजन ट्रांसपोर्टेशन में आया खर्च लौटाने का वादा किया लेकिन उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि यह रमजान के पवित्र महीने में जकात दिए जाने जैसा है। दरअसल, इस्लाम में रमजान के महीने में हर हैसियतमंद मुसलमान पर जकात देना जरूरी बताया गया है। आमदनी से पूरे साल जो बचत होती है उसका 2.5 फीसदी हिस्सा किसी गरीब या जरूरतमंद को दिया जाता है। इसे ही जकात कहा जाता है।

प्यारे खान की अपनी जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही है। उन्होंने साल 1995 में नागपुर रेलवे स्टेशन के बाहर संतरे बेचने से अपना काम शुरू किया था। प्यारे खान के पिता ताजबाग की झुग्गियों में रहते थे। हालांकि, आज के समय में प्यारे खान 300 ट्रकों के मालिक हैं और वह 2 हजार ट्रकों के नेटवर्क को खुद मैनेज करते हैं। उनका दफ्तर भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश और भूटान में भी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, प्यारे खान कहते हैं कि अगर जरूरत हुई तो वे ब्रसेल्स से एयरलिफ्ट कर के भी ऑक्सीजन टैंकर मंगवा सकते हैं।

Input: Live Hindustan

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