पटना. बिहार में बढ़ रहे करोना महामारी (Corona Pandemic) और चिकित्सा व्यवस्था की दुर्दशा पर पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस सीएस सिंह की खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कम आपूर्ति पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने राज्य सरकार पूछा कि जब केंद्र सरकार ने राज्य को 194 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का कोटा जारी किया तो उसे अस्पतालों तक क्यों नहीं ले जाया जा रहा है.

पटना हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर ऑक्सीजन आपूर्ति नहीं हो सकती तो अस्पतालों में बेड की संख्या कम कर दें. कोर्ट ने कहा कि बेड की संख्या कम कर दें तो ऑक्सीजन की कम ही जरूरत होगी. कोर्ट ने लगे हाथों राज्य सरकार के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त संख्या में होने की बात कही गई थी. कोर्ट ने कोरोना से निबटने के लिए की जा रही कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने इस मामले में अभी तक की कार्रवाई का ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है. मालूम हो कि बिहार में कोरोना से संक्रमण का मामला तेजी से लगातार बढ़ रहा है. राज्य में फिर से संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में पिछले 3 दिनों की अपेक्षा काफी वृद्धि देखी गई है. 24 घंटे में राज्यभर में कुल 13374 कोरोना के नए मरीज मिले हैं, जिसके साथ ही अब एक्टिव केस की संख्या लाख के करीब (98747) पहुंच गई है.

पटना जिले में सबसे ज्यादा 2207 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है, जबकि समस्तीपुर में 401, बेगूसराय में 764, भागलपुर में 454, औरंगाबाद में 597, पूर्णिया में 548, सारण में 589, सुपौल में 427, वेस्ट चम्पारण में 547, गया में 1133, मुजफ्फरपुर में 490, नालन्दा में 423 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. बढ़ते संक्रमण के आंकड़ों के बाद राज्य में रिकवरी दर में भी काफी गिरावट हो रही है और रिकवरी दर घटकर 77.09 प्रतिशत पर पहुंच गया है.

Source : News18

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