नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKY) के तहत मई-जून 221 के दौरान लगभग 80 करोड़ पीडीएस लाभार्थियों को प्रति माह पांच किग्रा मुफ्त अनाज वितरित किए जाने के कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है. यह योजना पहले ही प्रभाव में आ चुकी है. पीएमजीकेवाई को इससे पहले 2020 में मई-जुलाई तक के तीन महीनों के लिए घोषित किया गया था. गरीबों पर कोविड-19 के आर्थिक प्रभाव से निपटने की इस योजना को बाद में नवंबर, 2020 तक आगे बढ़ा दिया गया था. कोविड -19 की दूसरी लहर के मद्देनजर खाद्य मंत्रालय ने इस योजना को 1 मई 2021 से दो महीने के लिए फिर लागू किया है.

80 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा 5-5 किग्रा मुफ्त अनाज
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे बुधवार को मंजूरी देने की औपचारिकता पूरी की. केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसे पहले से लागू किए जाने की तिथि से मंजूरी दे दी गई है. पीएमजीकेएवाई-III के तहत अतिरिक्त खाद्यान्न के आवंटन के लिए यह दो महीने की अवधि मई से जून 2021 तक होगी. इसमें कहा गया है कि योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले करीब 79.88 करोड़ लाभार्थियों को प्रति माह प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम अनाज मुफ्त में दिया जाएगा. इसमें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के तहत आने वाले लोग भी शामिल हैं.

केंद्र को देनी होगी 25,332 करोड़ रुपये की सब्सिडी
केंद्र सरकार ने कहा है कि इसमें खाद्यान्न की कुल खपत लगभग 80 लाख टन हो सकती है. इस पर 25,332.92 करोड़ रुपये की अनुमानित खाद्य सब्सिडी देनी पड़ सकती है. सरकार के अनुसार, यह अतिरिक्त आवंटन कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई आर्थिक दिक्कतों के कारण गरीबों को होने वाली मुश्किलों से फौरी राहत देगा. सरकार का कहना है कि इससे इस अवधि में अनाज के कारण किसी गरीब को तकलीफ नहीं होगी. पीएमजीकेएवाई के तहत राज्यों को खाद्यन्न का आवंटन खाद्य मंत्रालय की ओर से एनएफएसए के तहत मौजूदा आवंटन-अनुपात के आधार पर किया जाएगा.
Source : News18






