जिले को प्रतिदिन 6 हजार लाेगाें की कोरोना जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। फिलहाल, 2 हजार जांच ही हाे रही है। इस पर सैंपलिंग एंड टेस्टिंग कोषांग के वरीय अधिकारी सह अपर समाहर्ता राजेश कुमार ने रविवार काे संबंधित अधिकारियाें काे कड़ी फटकार लगाते हुए हर हाल में ग्रामीण क्षेत्रों में भी काेराेना की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है।खासकर, ग्रामीण इलाकाें में काेराेना के बढ़ते संक्रमण काे देखते हुए अपर समाहर्ता ने प्रत्येक पंचायत में 5 से 6 स्थानाें पर कैंप लगाकर जांच करने काे कहा है। प्रत्येक पीएचसी प्रभारी काे 300 रैपिड एंटीजन टेस्ट तथा 200 लाेगाें की आरटीपीसीआर टेस्ट करने काे कहा है।

शहरी क्षेत्र में भी एक हजार जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि पीएचसी स्तर पर सैंपलिंग लक्ष्य के अनुरूप नहीं है। अपर ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम को सख्त निर्देश दिया कि सैपलिंग की संख्या में अपेक्षित वृद्धि की जाए। साथ ही कहा कि सभी बीडीओ और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी संयुक्त रूप से जिन क्षेत्रों में सैंपलिंग होनी है, उसका शेड्यूल बनाते हुए सैंपलिंग का कार्य कराना सुनिश्चित करें। बैठक में प्रभारी पदाधिकारी राजस्व शाखा-सह-वरीय उप समाहर्ता सारंग मनी पांडे, सैंपलिंग/टेस्टिंग कोषांग के नोडल पदाधिकारी डॉ. अमिताभ सिन्हा समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इधर, जांच में काेताही पर 7 पीएचसी प्रभारी व बीएचएम के वेतन पर राेक
काेराेना जांच में काेताही पर सिविल सर्जन ने जिले के 7 पीएचसी प्रभारी तथा ब्लाॅक हेल्थ मैनेजर (बीएचएम) के वेतन भुगतान पर राेक लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें मुशहरी, पारू, माेतीपुर, साहेबगंज, बाेचहां, सरैया व सकरा के पीएचसी प्रभारी व बीएचएम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सभी प्रखंड के पीएचसी प्रभारी व बीएचएम काे सख्त चेतावनी दी गई है। सिविल सर्जन ने कहा कि पर्याप्त संख्या में एंटीजन किट रहने के बावजूद जांच में काेताही बरती गई है। 16 मई काे मुशहरी में महज 18, माेतीपुर में 15, साहेबगंज में 6, पारू में 21, सकरा में 29, सरैया में 63, अाैराई में 163, कुढ़नी में 144, गायघाट में 166, कांटी में 366, कटरा में 122, मुराैल में 139, मीनापुर में 188, मड़वन में 36 लोगों की एंटीजन किट से कोरोना जांच की गई।
Input: Dainik Bhaskar






