DGP संजीव कुमार सिंघल ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया था। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया था कि बिहार में चौक-चौराहों पर बने पुलिस पोस्ट, रेलवे स्टेशन, वीआईपी सिक्योरिटी और ट्रैफिक पोस्ट पर ऑन ड्यूटी ऑफिसर व जवान बेवजह मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गजेट्स का इस्तेमाल नहीं करेंगे। ऐसा करने वालों के खिलाफ अनुशासनहीनता के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश उनकी तरफ से सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और समादेष्टा को दिया गया। DGP के इस फैसले को पटना में लॉकडाउन का पालन करा रहे अफसर और ट्रैफिक पोस्ट पर ड्यूटी कर रहे जवान कितना सही मानते हैं? उनके मन में इस आदेश को लेकर किस तरह की बातें है? वो क्या सोंचते हैं? बुधवार को भास्कर टीम ने इसे जानने की कोशिश की।

ऑन ड्यूटी SI और ASI से लेकर जवानों तक से बात की। पहचान गुप्त रखने के अनुरोध पर इन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। सीधे तौर पर कहा कि ड्यूटी करने में जिन्हें मन नहीं लगता है, वही लोग ऐसी हरकत करते हैं। मोबाइल पर चैट करते रहते हैं या फिर सोशल नेटवर्क पर वीडियो देखते रहते हैं। कुछ महिला सिपाही तो मोबाइल पर गेम भी खेलती हुई दिख जाती हैं। कर्तव्यपालन के दौरान इस तरह की हरकत कहीं से सही नहीं है।

पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के पास ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने कहा कि DGP साहब हमारे गार्जियन हैं। उनके फैसले से डिपार्टमेंट की छवि में सुधार आएगा। इसी तरह पटना जंक्शन के पास सुरक्षा-व्यवस्था में लगे एक सब इंस्पेक्टर कहते हैं, यह आदेश बिल्कुल सही है। हमारा काम पब्लिक की सुरक्षा करना है। ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतना कहीं से भी सही नहीं है।
इसी तरह का जवाब कंकड़बाग में आरएन सिंह मोड़ पर ड्यूटी कर रही महिला जवानों का था। इन्होंने कहा कि जो नए लोग पुलिस की नौकरी में आ रहे हैं, उन्हीं की तरफ से ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई किया जाना सही फैसला है।
Input: dainik bhaskar





