बिहार में डीएनए सैंपल के जांच के लंबित मामलों का अब जल्द निबटारा हो सकेगा। गृह विभाग ने पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में एक और डीएनए यूनिट के गठन की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। यह बिहार की दूसरी डीएनए यूनिट होगी।

फिलहाल पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला में चल रही डीएनए यूनिट में 2013 से जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नए उपकरण रहने पर जांच तेजी से होती है। दो से तीन साल बाद धीरे-धीरे उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। वर्तमान लैब में हर सप्ताह औसत छह-सात जांच होती है। एक डीएनए यूनिट होने से साल में औसत 70-75 सैंपल की ही जांच पूरी हो पाती है। करीब 50-60 मामलों की डीएनए जांच लंबित रह जाती है। नए उपकरणों से लैस नई यूनिट के गठन के बाद लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी और तेजी से डीएनए सैंपल की जांच संभव हो सकेगी।

4.35 करोड़ से खरीदे जाएंगे उपकरण : डीएनए जांच के उपकरण काफी महंगे आते हैं। नई यूनिट के लिए करीब 4.35 करोड़ रुपये से उपकरण खरीदे जाएंगे। इसमें डेढ़ करोड़ की लागत से जेनेटिक एनलाइजर मशीन, 30 लाख की लागत से रियल टाइम पीसीआर मशीन, 10 लाख की लागत से पीसीआर मशीन आदि खरीदी जाएगी। इसके अलावा एक से डेढ़ करोड़ की लागत से अन्य उपकरण व केमिकल खरीदे जाएंगे।

80 डिग्री सेल्सियस पर रखे जाते हैं सैंपल : डीएनए जांच के लिए सबसे अहम होता है सैंपल। सैंपल जितना अच्छा होगा, जांच रिपोर्ट उतनी ही विश्वसनीय होगी। ऐसे में डीएनए जांच के सैंपल को डीएन कोल्ड रूम में रखा जाता है। इस कोल्ड रूप का तापमान माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक होता है। इसके निर्माण पर करीब एक करोड़ की लागत आने का अनुमान है।

तीन और यूनिट खोलने का प्रस्ताव : राज्य में पटना के अलावा मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी डीएनए जांच की सुविधा शुरू करने की योजना है। वर्ष 2019 में सीआइडी ने निर्भया फंड के जरिए बिहार में तीन यूनिट लगाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, मगर इस पर अब तक मंजूरी नहीं मिली है। इसमें एक यूनिट पटना और बाकी दो यूनिट मुजफ्फरपुर और भागलपुर में लगनी थी। इसे अनुमति मिल जाने पर बिहार में डीएनए जांच की पांच यूनिट हो जाएगी।

यह होता है डीएनए जांच : डीआक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड (डीएनए) जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाले तंतुनुमा अणु को कहते हैं। इसका आकार किसी घुमावदार सीढ़ी की तरह होता है। इसमें अनुवांशिक गुण मौजूद होते हैं। डीएनए जांच में इंसान के शरीर से खून, बाल, वीर्य, त्वचा आदि का सैंपल लेकर उसकी जांच की जाती है। दुष्कर्म से जुड़े मामलों में डीएनए जांच बहुत उपयोगी है। हाल के दिनों में ऐसे मामलों की जांच में इसका इस्तेमाल बढ़ा भी है।
Source : Dainik Jagran






